ईरान-इजरायल तनाव के बीच इजरायल में काम कर रहे यूपी के 6004 श्रमिक सुरक्षित, सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
लखनऊ/तेल अवीव। मध्य एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल में काम कर रहे उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को लेकर उठ रही चिंताओं पर राज्य सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। सरकार के अनुसार इजरायल में कार्यरत राज्य के सभी 6004 निर्माण श्रमिक फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दरअसल, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत की खबरों के बाद क्षेत्र में हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं। इसी बीच इजरायल में काम कर रहे भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही थी।
राज्य सरकार के अनुसार ये श्रमिक वर्ष 2024 में National Skill Development Corporation और इजरायल की सरकारी संस्था Population Immigration and Border Authority के माध्यम से चयनित किए गए थे। फिलहाल वे इजरायल के विभिन्न निर्माण परियोजनाओं में कार्य कर रहे हैं।
इस संबंध में Embassy of India, Tel Aviv ने भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा सलाह जारी करते हुए सतर्क रहने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने की अपील की है। उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने इजरायल में भारत के राजदूत J. P. Singh से भी बातचीत कर श्रमिकों की स्थिति की जानकारी ली। दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी भारतीय नागरिकों से संपर्क बनाए रखा गया है।
सरकार ने बताया कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रम विभाग दूतावास और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर अधिकारियों को स्थिति की नियमित समीक्षा करने के आदेश दिए गए हैं।
आपात स्थिति से निपटने के लिए भारतीय दूतावास ने 24×7 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। जरूरत पड़ने पर +972-54-7520711 और +972-54-2428378 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा इजरायल की एजेंसी Center for International Migration and Integration की हेल्पलाइन 1-700-707-889 भी उपलब्ध है।
सरकार का कहना है कि विदेशों में काम कर रहे श्रमिक प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
