22 अप्रैल की पहलगाम घटना के बाद भारत-पाक तनाव चरम पर, सरहदी गांव माहवा के लोग बोले — अबकी बार सबक ज़रूरी
अमृतसर। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में एक बार फिर से जबरदस्त तनाव देखने को मिल रहा है। सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, वहीं सरहदी गांवों के लोग अब सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पंजाब के सीमावर्ती गांव माहवा में लोगों का गुस्सा साफ झलक रहा है।
मीडिया से बातचीत में गांव के बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं ने कहा कि अब सरकार को पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाना चाहिए। एक ग्रामीण ने कहा, “हर बार पाकिस्तान घुसपैठ या आतंकी गतिविधियों से माहौल बिगाड़ता है और हम शांति की अपील करते रह जाते हैं। लेकिन कब तक?”
गांववालों ने बताया कि उन्होंने कई बार सरहद के पास जंगलों में संदिग्ध गतिविधियां देखी हैं। “जब भी हमला होता है, सबसे पहले असर हम पर होता है — डर, विस्थापन और नुकसान, ये सब हमने बार-बार झेला है,” एक महिला ने कहा।
एक युवा ग्रामीण ने जोड़ा, “हम शांति चाहते हैं, लेकिन जब सामने वाला वार करता है तो जवाब देना भी जरूरी होता है। अब बहुत हो गया। केंद्र सरकार जो भी फैसला लेगी, गांव का हर नागरिक उसके साथ खड़ा होगा।”
गांव माहवा के लोग अब सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस बार सिर्फ निंदा नहीं, बल्कि ऐसी कार्रवाई हो जिससे भविष्य में कोई भी दुश्मन भारत की ओर आंख उठाकर देखने से पहले सौ बार सोचे।
स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन जनता का हौसला मजबूत है।
