संविधान हत्या दिवस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का संबोधन: आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला

करनाल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संविधान हत्या दिवस के अवसर पर संबोधन देते हुए आपातकाल को देश के लोकतांत्रिक इतिहास पर काला धब्बा बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी इमरजेंसी लगाकर देश की आम जनता पर अत्याचार किए गए, सिर्फ अपनी राजनीतिक इच्छा शक्ति पूरी करने के लिए।

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि आपातकाल के दौरान संविधान और लोकतंत्र का एक बार भी स्मरण नहीं किया गया। जो लोग आज संविधान की रक्षा की बातें करते हैं, उनकी पीढ़ियों ने कभी संविधान का सम्मान नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पिछले 11 वर्षों से संविधान के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प है कि 2047 तक क्रांतिकारी वीरों के सपनों का भारत बनाया जाए। एक प्रधान, एक संविधान और एक निशान का सपना डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने साकार करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में करनाल की धरती को ‘दानवीर कर्ण की नगरी’ बताते हुए नमन किया और कहा कि लोकतंत्र सिर्फ चुनाव जीतने और सरकार बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जीवनशैली है, एक मूल्य प्रणाली है, जिसे समझना और आत्मसात करना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि 2014 के बाद ही हमें अपने महापुरुषों की जयंतियों को सार्वजनिक रूप से मनाने का अवसर मिला है। आज भारत को एक मजबूत और जीवंत लोकतंत्र के रूप में विश्वभर में स्थापित करने की दिशा में हर देशवासी को योगदान देना चाहिए।

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