एडानी ग्रीन एनर्जी ने वैश्विक जैव-विविधता प्रकटीकरण ढांचे को अपनाकर मजबूत की प्रकृति-पॉजिटिव नेतृत्व भूमिका
अहमदाबाद, दिसंबर 2025। देश की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी एडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने अपने सतत विकास अभियान को एक नया आयाम देते हुए TNFD (टास्कफोर्स ऑन नेचर-रिलेटेड फाइनेंशियल डिस्क्लोज़र्स) फ्रेमवर्क को अपनी मुख्य सतत विकास रणनीति में शामिल कर लिया है। इस वैश्विक और विज्ञान-आधारित ढांचे के तहत कंपनियां प्रकृति एवं जैव-विविधता से जुड़ी निर्भरता, प्रभाव, जोखिम और अवसरों की पहचान कर पारदर्शी रूप से प्रकटीकरण सुनिश्चित करती हैं।
AGEL का यह कदम पारंपरिक ESG अनुपालन से आगे बढ़ते हुए प्रकृति-पॉजिटिव विकास मॉडल को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा विस्तार के साथ-साथ पारिस्थितिक संतुलन भी सुरक्षित रहेगा।
2030 तक ‘नो नेट लॉस ऑफ बायोडायवर्सिटी’ का लक्ष्य
कंपनी ने जैव-विविधता संरक्षण को मजबूत करने के लिए
✔ 27.86 मिलियन पेड़ लगाने की योजना
✔ 2030 तक जैव-विविधता में शून्य हानि (No Net Loss) का संकल्प घोषित किया है।
कंपनी-व्यापी मूल्यांकन की शुरुआत
FY 2024 से AGEL सभी प्रोजेक्ट साइट्स पर प्रकृति-संबंधी जोखिमों व अवसरों का आकलन कर रही है। यह पहल TNFD Adopters समूह में औपचारिक रूप से शामिल होने से पहले ही शुरू कर दी गई थी, जो कंपनी की दूरदर्शिता को दर्शाती है।
AGEL के CEO, आशीष खन्ना ने कहा—
“हमारी विकास यात्रा का केंद्र प्रकृति है। नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के साथ-साथ हम प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और पुनर्स्थापन को प्राथमिकता देते हैं। प्रकृति-पॉजिटिव रणनीति लंबे समय तक व्यवसाय की मजबूती और समुदायों, निवेशकों तथा ग्रह की सतत प्रगति के लिए आवश्यक है।”
TNFD क्या है?
संयुक्त राष्ट्र की कई प्रमुख संस्थाओं द्वारा स्थापित
वैश्विक विज्ञान-आधारित पहल
जैव-विविधता से जुड़े जोखिमों और अवसरों के प्रबंधन और प्रकटीकरण पर केंद्रित
इसके साथ जुड़कर AGEL ने वैश्विक स्तर पर अपनी नेतृत्वकारी छवि को और मजबूत किया है।
ESG क्षेत्र में कंपनी की उपलब्धियाँ
वॉटर-पॉजिटिव संचालन
सिंगल-यूज़ प्लास्टिक-फ्री स्थिति
ज़ीरो वेस्ट-टू-लैंडफिल साइट्स
प्रकृति एवं नवीकरणीय ऊर्जा के संतुलित विकास की दिशा में AGEL का यह कदम भारत को वैश्विक जलवायु नेतृत्व में और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
