रामपुर: इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि नगर पालिका द्वारा हाउस टैक्स और वॉटर टैक्स में की गई अनावश्यक वृद्धि के खिलाफ जल्द ही माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में एक याचिका (PIL या WRIT) दाखिल की जाएगी।
सभासदों ने स्पष्ट किया कि रामपुर की आम जनता पर टैक्स के इस बोझ को किसी भी सूरत में थोपने नहीं दिया जाएगा। यह फैसला आवाम के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है।
इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मंडलायुक्त (कमिश्नर) से मुलाकात कर हाउस टैक्स और वॉटर टैक्स में की गई वृद्धि पर चर्चा करेगा, ताकि शासन स्तर पर भी इस मुद्दे को उचित रूप से उठाया जा सके।
सभासदों ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि शासनादेश (Govt Order) में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि हाउस टैक्स एवं वॉटर टैक्स से संबंधित अधिनियम (Act) में यह स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी नागरिक को इस वृद्धि पर आपत्ति हो तो वह अधिनियम के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आपत्ति दर्ज करा सकता है।
संबंधित अधिनियम की जानकारी:
उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 (U.P. Municipalities Act, 1916) की धारा 131 से 135 तक हाउस टैक्स और वॉटर टैक्स से संबंधित प्रावधानों का वर्णन है।
अधिनियम के अनुसार, कर निर्धारण से पूर्व जनसुनवाई और आपत्तियाँ प्राप्त करने की प्रक्रिया अनिवार्य है।
यदि कर निर्धारण में मनमानी या प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया हो, तो प्रभावित नागरिक धारा 137 के तहत अपील या आपत्ति दाखिल कर सकते हैं।
इस मौके पर सभासद गण मौजूद रहे, सभासद मोहम्मद ज़फ़र सभासद दिनेश कुमार सभासद वसीम अब्बासी सदा भाजी गुफरान उर्फ मुन्ना मोइन अंसारी फहीम अंसारी जावेद अंसारी बाबू नावेद राणा तनवीर अफान खान सरफराज गुड्डू शहवेज भरा दमदम रफ़ीउल्लाह खान राजू और सिकंदर असी एफ अली शाहब खान मुशाहिद उर्फ गुड्डू जमील इनायती खलील अहमद बाबू उर्फ सुर्गे नावेद कुरैशी आदि.
