गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
ज़मीन–आसमान का अंतर।एक तरफ़ एक रिटायर्ड आईपीएस अफ़सर हैं, जो नब्बे वर्ष की उम्र में भी चंडीगढ़ की सड़कों की सफ़ाई करते हैं।
दूसरी तरफ़ हैं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, जिन्होंने चंडीगढ़ की सड़कों की सफ़ाई का सिर्फ़ नाटक किया।
बताया जाता है कि मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में स्वच्छ भारत अभियान का श्रीगणेश करने के नाम पर दिखावा किया। पहली ही रात चंडीगढ़ नगर निगम ने सड़कों पर कूड़े से भरी ट्रॉलियाँ उड़ेल दीं और सुबह मनोहर लाल ने वहाँ झाड़ू लगाकर वाहवाही लूट ली। यह पूरी तरह से दुमछला था।
दूसरी ओर हैं रिटायर्ड आईपीएस इंद्रजीत सिद्धू, जो उम्र के इस पड़ाव पर भी सड़कों की सफ़ाई कर समाज के सामने एक सच्ची मिसाल पेश कर रहे हैं। आईपीएस अधिकारियों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
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