- रिपोर्ट – मनोज कुमार यादव
एटा:- भारत की सुरक्षा व्यवस्था में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने पहली बार ऑल-वुमेन कमांडो यूनिट का गठन कर इतिहास रच दिया है। यह कदम केवल सुरक्षा बलों की मजबूती का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की बदलती भूमिका और उनकी असीम क्षमता का उत्साहवर्धक संदेश भी देता है।
आज तक कमांडो यूनिटों की पहचान पुरुष-प्रधान बलों के रूप में होती रही है, लेकिन अब CISF ने यह साबित कर दिया है कि साहस, अनुशासन और समर्पण का कोई लिंग नहीं होता। ऑल-वुमेन कमांडो का गठन इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि देश की बेटियाँ भी अग्रिम मोर्चों पर, सबसे जटिल और जोखिमपूर्ण जिम्मेदारियों को निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।
यह पहल महिलाओं को केवल भागीदारी नहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में लाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। अब तक महिलाएँ सुरक्षा बलों में प्रायः प्रशासनिक या अपेक्षाकृत हल्के कर्तव्यों तक सीमित रही थीं। मगर यह यूनिट उन्हें फ्रंटलाइन ड्यूटी और काउंटर-टेरर ऑपरेशंस जैसे कठिन कार्यों में सीधे भागीदारी का अवसर देगी। यह बदलाव आने वाली पीढ़ियों की लड़कियों को यह विश्वास दिलाएगा कि वे भी राष्ट्र की सुरक्षा में समान रूप से योगदान कर सकती हैं।
CISF का यह निर्णय देश की सोच और समाज की मानसिकता को भी बदलने वाला है। जिस समाज में महिलाओं को आज भी कई बार कमजोर समझा जाता है, वहीं CISF ने कदम यह साबित दिया कि महिला शक्ति किसी भी स्तर पर पुरुषों से कम नहीं है। वहीं महिला कमांडो का पहला प्रशिक्षण बड़वाह (मध्यप्रदेश) में दिया गया यह क्लिक रिस्पांस टीम कमांडो का तीन महीने का कोर्स समापन हुआ। यह केवल एक कमांडो यूनिट नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण है।
आज जब भारत “महिला सशक्तिकरण” को लेकर विश्व मंच पर नई पहचान बना रहा है, यह पहल उसी दिशा में ठोस कदम है। यह न केवल सुरक्षा बलों की क्षमताओं का विस्तार करेगी, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना को और प्रज्वलित करेगी।
एक बातचीत में एटा थर्मल पॉवर प्लांट में तैनात CISF के डिप्टी कमांडेंट जसवीर सिंह ने बताया कि CISF की यह पहल केवल एक संगठनात्मक निर्णय नहीं है, बल्कि यह उस बदलाव की बुनियाद है जिसकी ओर देश लंबे समय से देख रहा था। यह भारतीय नारी के साहस और क्षमता की पहचान है, और आने वाले समय में यह यूनिट न केवल सुरक्षा का कवच बनेगी, बल्कि लाखों युवतियों के लिए प्रेरणा का दीप भी साबित होगी।
