लखीसराय(सरफराज आलम)भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, महान समाज सुधारक एवं नारी शिक्षा की जननी सावित्रीबाई फुले की जयंती पर शुक्रवार को लखीसराय में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने शिरकत की और सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस मौके पर उत्कृष्ट एवं प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित भी किया गया।
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में शिक्षा की अलख जगाई, जब बालिकाओं को पढ़ाना सामाजिक अपराध माना जाता था। 3 जनवरी 1831 को जन्मी सावित्रीबाई फुले ने महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर वर्ष 1848 में बालिकाओं के लिए पहला विद्यालय स्थापित कर समाज को नई दिशा दी। उनका जीवन साहस, संघर्ष और सामाजिक चेतना का अनुपम उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले के विचार—शिक्षा, समानता और सम्मान—आज भी सामाजिक परिवर्तन की सबसे सशक्त आधारशिला हैं। नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। शिक्षा ही सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में एसडीएम प्रभाकर कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, नगर परिषद के उपसभापति शिव शंकर राम सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा शिक्षक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही, जिससे आयोजन का माहौल उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक बना रहा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य सावित्रीबाई फुले के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना और समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता को और मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
