पुरी (ओडिशा)। सोशल मीडिया पर जगन्नाथ पुरी मंदिर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पक्षियों का एक झुंड मंदिर के शिखर के ऊपर मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और कई लोग इसे मंदिर से जुड़े रहस्यों से जोड़कर देख रहे हैं।
उड़ीसा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर न सिर्फ एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, बल्कि इससे जुड़े रहस्य और मान्यताएं भी लोगों को हमेशा आकर्षित करती रही हैं। मान्यता है कि मंदिर से जुड़ी कई घटनाओं का उल्लेख भविष्य मालिका नामक पुस्तक में मिलता है, जिसमें कलियुग, कल्कि अवतार और प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित भविष्यवाणियों का वर्णन किया गया है। इन्हीं मान्यताओं के कारण वायरल वीडियो ने एक बार फिर मंदिर को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
मंदिर से जुड़ी मान्यता और वायरल वीडियो
जगन्नाथ मंदिर को लेकर प्रचलित मान्यता है कि इसके शिखर के ऊपर से न तो पक्षी उड़ते हैं और न ही किसी विमान को मंदिर के ऊपर से गुजरने की अनुमति है। ऐसे में वायरल वीडियो में पक्षियों का झुंड मंदिर के गुंबद के ऊपर उड़ता दिखने से कई लोग चिंतित हो गए हैं। कुछ लोग इसे भविष्य मालिका में वर्णित संकेतों से जोड़कर संभावित प्राकृतिक आपदा का संकेत मान रहे हैं।
क्या सच होने वाली है भविष्यवाणी?
भविष्य मालिका के अनुसार, कलियुग के अंत के समय जगन्नाथ मंदिर परिसर में असामान्य घटनाएं घटित होंगी, जैसे आधी रात में चोरी, शिखर से पत्थरों का गिरना या मंदिर के ऊपर पक्षियों का दिखाई देना। हालांकि, इन मान्यताओं को लेकर विद्वानों और प्रशासन की राय अलग है। मंदिर प्रशासन ने वायरल वीडियो को एक सामान्य घटना बताते हुए कहा है कि इसे अफवाह या अपशकुन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे वीडियो
यह पहला मौका नहीं है जब जगन्नाथ मंदिर से जुड़ा कोई वीडियो वायरल हुआ हो। इससे पहले अप्रैल महीने में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एक गरुड़ मंदिर के शिखर पर लगे ध्वज को लेकर उड़ता नजर आया था। बाद में स्पष्ट किया गया कि वह ध्वज जगन्नाथ मंदिर का नहीं, बल्कि किसी अन्य मंदिर का था।
फिलहाल, प्रशासन और विशेषज्ञ लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता।
