हरियाणा IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में CBI जांच जरूरी — क्या रोहतक के घूसकांड से है संबंध?
गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
हरियाणा IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में CBI जांच जरूरी — क्या रोहतक के घूसकांड से है संबंध?
हरियाणा कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या ने पूरे पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को हिला दिया है। सवाल उठ रहा है कि क्या उनकी आत्महत्या का संबंध उस घूसकांड से है जिसमें उनके गनमैन सुशील कुमार पर एक शराब ठेकेदार से उनके (पूरन कुमार) नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा था? इस पूरे प्रकरण की सच्चाई जानने के लिए अब CBI जांच की मांग उठ रही है।
पूरन कुमार ने कुछ दिन पहले अपने चंडीगढ़ स्थित आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें आधा दर्जन से अधिक वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों के नाम दर्ज हैं, जिन्हें उन्होंने अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
मामला तब और जटिल हो गया जब उनकी पत्नी, हरियाणा की वरिष्ठ IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने आरोप लगाया कि उनके पति को जानबूझकर फंसाया गया था। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि DGP शत्रजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने उनके पति के खिलाफ साजिश रची। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस स्टेशन-11 में शिकायत दर्ज कराई है और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है।
क्या है रोहतक वाला मामला?
रोहतक पुलिस ने सुशील कुमार के खिलाफ BNS 2023 की धारा 308(3) के तहत केस दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार, एक शराब ठेकेदार ने आरोप लगाया कि सुशील कुमार ने खुद को तत्कालीन IG रोहतक वाई. पूरन कुमार का करीबी बताकर उनसे “मासिक भुगतान” की मांग की थी। जब उसने इनकार किया तो उसे शराब तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। ठेकेदार ने बातचीत की रिकॉर्डिंग भी की थी, जिसके बाद सुशील को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
पूछताछ के दौरान सुशील ने कथित तौर पर बताया कि वह अपने “बॉस” के कहने पर यह सब कर रहा था। इसी के कुछ दिनों बाद वाई. पूरन कुमार ने आत्महत्या कर ली। उस वक्त उनकी पत्नी अमनीत पी. कुमार हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ विदेश दौरे पर थीं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मचा बवाल
इस घटना ने प्रशासनिक हलकों में जातिगत विभाजन की स्थिति पैदा कर दी है। कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी और पूर्व मंत्री गीता भुक्कल ने आरोप लगाया है कि अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारियों को उच्च पदों पर बैठे लोग परेशान कर रहे हैं।
अब पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है, और मीडिया व अफसरशाही में यह “मिलियन डॉलर स्वाल बन गया है कि क्या पूरन कुमार की मौत उस रोहतक केस से जुड़ी हुई थी?
सच्चाई क्या है — यह तो CBI जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
