रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के तत्कालीन शहर कोतवाल ओमकार सिंह और दरोगा रामोतार सिंह समेत एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा जनपद बदायूं के उझानी थाने में पंजीकृत हुआ है।
मामले में वादिनी ममता पत्नी ललित कुमार निवासी जनपद हाथरस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपनी एफआईआर में बताया कि जब आरोपी ओमकार सिंह उझानी थाने में प्रभारी निरीक्षक थे और दरोगा रामोतार सिंह वहीं तैनात थे, तब उनके साथ गंभीर दुर्व्यवहार हुआ था।
पीड़िता का कहना है कि दरोगा रामोतार सिंह ने अश्लील हरकतें कीं, गलत टिप्पणियां कीं और उनके पति — जो स्वयं पुलिस सिपाही हैं — पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पीड़िता के पति को गंभीर चोटें आईं और उनका इलाज बरेली के एक अस्पताल में कराया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह थाने में न्याय के लिए गईं तो तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ओमकार सिंह ने न तो उनका प्रार्थना पत्र स्वीकार किया, न ही कोई कार्रवाई की। उल्टा थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मिटा दी गई और कैमरे हटा दिए गए।
पीड़िता के अनुसार, अधिकारियों द्वारा लगातार टालमटोल और दबाव के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और उच्च अधिकारियों तक न्याय के लिए गुहार लगाई। अंततः 5 नवंबर 2025 को समय लगभग 11:37 बजे यह मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले में कई संगीन धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें —
धारा 307 (हत्या का प्रयास), 354क (महिला की अस्मिता पर हमला), 354घ, 504, 506, 34, 166A (लोक सेवक द्वारा कर्तव्य का उल्लंघन) और 201 (सबूत नष्ट करना) शामिल हैं।
पीड़िता ने कहा कि वह अब न्याय की उम्मीद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कर रही हैं, ताकि दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
