Mirzapur Padri Police Viral Video: पड़री पुलिस पर दो लाख रुपये लेने का आरोप, वीडियो वायरल होने के बाद दो पुलिसकर्मी निलंबित
रिपोर्ट: मंजय वर्मा
मीरजापुर। मीरजापुर के पड़री थाना क्षेत्र के देवाही गांव में पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर नोटों की गड्डियां गिनने का एक वीडियो वायरल (Mirzapur Padri Police Viral Video) होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि गांजा बेचने की शिकायत पर पहुंची पुलिस टीम ने मिठू प्रसाद के घर से करीब दो लाख रुपये लिए। वहीं, पुलिस का कहना है कि रकम को पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से गिना गया और बाद में मिठू प्रसाद तथा उसके परिवार को वापस कर दिया गया।
मामले में सामने आए वीडियो और पुलिस के आधिकारिक बयान के बीच विरोधाभास को लेकर चर्चा तेज है। पीड़ित परिवार का दावा है कि घर में रखे दो लाख रुपये में से 70 हजार रुपये वापस नहीं किए गए। परिवार का कहना है कि यह रकम खेत बेचकर और अन्य सामान की बिक्री से जुटाई गई थी, जिसे बेटी की शादी के लिए सुरक्षित रखा गया था।
Mirzapur Padri Police Viral Video: वायरल वीडियो में नोटों की गड्डियां गिनते दिखे लोग
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां गिनते हुए कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में हाथ सादे कपड़ों में नजर आते हैं। इसे लेकर आरोप लगाया गया कि पड़री पुलिस की टीम ने देवाही गांव में मिठू प्रसाद के घर पहुंचकर रकम ली और उसकी गिनती की।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और रकम के लेन-देन को लेकर सवाल उठने लगे। मामला मीडिया में आने के बाद मीरजापुर पुलिस की ओर से प्रेस नोट जारी कर अपना पक्ष रखा गया।
Mirzapur Padri Police Viral Video: पुलिस का दावा: रकम गिनकर परिवार को वापस की गई
पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, मिठू प्रसाद के खिलाफ गांजा बेचने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर पुलिस टीम देवाही गांव पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि मौके पर लगभग दो लाख रुपये मिले थे।
प्रेस नोट में बताया गया कि पुलिस पर पैसे लेने का आरोप न लगे, इसलिए एक पुलिसकर्मी ने रकम को सबके सामने गिना और दूसरे पुलिसकर्मी ने इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की। पुलिस के मुताबिक, पूरी रकम मिठू प्रसाद और उसके परिवार को वापस कर दी गई। इसके बाद उन्हें थाने बुलाकर पूछताछ की गई और संबंधित जानकारी दर्ज की गई।
पुलिस ने वीडियो बनाने और उसे साझा करने के तरीके को लापरवाहीपूर्ण बताया। इसी मामले में संबंधित दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई। साथ ही अपर पुलिस अधीक्षक नगर को प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
Mirzapur Padri Police Viral Video: पीड़ित मिठू प्रसाद और पत्नी ने लगाए अलग आरोप
दूसरी ओर, मिठू प्रसाद और उनकी पत्नी के वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी घर में आए और तकिया फाड़कर उसमें रखे रुपये निकाल लिए।
मिठू प्रसाद के अनुसार, घर में करीब दो लाख रुपये रखे थे। उनका दावा है कि इसमें से 70 हजार रुपये रख लिए गए, जबकि 1 लाख 30 हजार रुपये वापस किए गए। परिवार का कहना है कि यह रकम खेत बेचने और अन्य सामान की बिक्री से मिली थी तथा बेटी की शादी के लिए रखी गई थी।
परिवार ने यह भी दावा किया कि घर में चार लोग आए थे और उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। मिठू प्रसाद और उनकी पत्नी ने अपनी आर्थिक स्थिति और दिव्यांगता का हवाला देते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
हालांकि, परिवार के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है। पुलिस के बयान और परिवार के दावों में अंतर होने के कारण जांच के जरिए ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Mirzapur Padri Police Viral Video: पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे हैं कई सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल रकम की बरामदगी, गिनती, रिकॉर्डिंग और वापसी की प्रक्रिया को लेकर है। यदि पुलिस के अनुसार पूरी रकम परिवार को लौटा दी गई थी, तो इसकी पुष्टि करने वाले दस्तावेज और साक्ष्य सामने आना जरूरी है।
वहीं, परिवार का दावा है कि पूरी रकम वापस नहीं मिली। ऐसे में पुलिस के पास उपलब्ध वीडियो रिकॉर्डिंग, जब्ती या बरामदगी से जुड़े दस्तावेज, जनरल डायरी की प्रविष्टियां और अन्य रिकॉर्ड जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
मामले में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि पुलिस टीम किस अधिकारी के आदेश पर गांव पहुंची थी, कार्रवाई के दौरान कौन-कौन मौजूद था और रकम को लेकर क्या प्रक्रिया अपनाई गई।
Mirzapur Padri Police Viral Video: दो पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद भी जांच जरूरी
पुलिस ने वीडियो रिकॉर्डिंग और उसे साझा करने में लापरवाही का हवाला देते हुए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। लेकिन निलंबन को पूरे मामले का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि रकम वास्तव में कितनी थी, किसने उसे अपने कब्जे में लिया, कितनी रकम वापस की गई और पूरी कार्रवाई के दौरान नियमों का पालन हुआ या नहीं।
इसके साथ ही गांजा बेचने की शिकायत की भी अलग से जांच जरूरी है। केवल शिकायत के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। यदि कोई आपत्तिजनक सामग्री या रकम बरामद हुई थी, तो उसकी वैधानिक प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच भी होनी चाहिए।
Mirzapur Padri Police Viral Video: मामले में उठ रही हैं पारदर्शिता और जवाबदेही की मांगें
वायरल वीडियो और परिवार के आरोपों के बाद इस मामले में कई बिंदुओं पर स्पष्टता की मांग की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
1. वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच: नोट गिनने के वायरल वीडियो की मूल और पूरी रिकॉर्डिंग की जांच कराई जाए।
2. रकम वापसी का प्रमाण: पुलिस द्वारा पूरी रकम लौटाने के दावे की पुष्टि के लिए उपलब्ध रिकॉर्ड और साक्ष्य सामने रखे जाएं।
3. थाने के रिकॉर्ड की जांच: जनरल डायरी, पुलिस टीम की रवानगी और वापसी का समय तथा संबंधित CCTV फुटेज की जांच हो।
4. स्वतंत्र जांच: मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच कराई जाए।
5. रकम के स्रोत की पुष्टि: परिवार और पुलिस दोनों के दावों को ध्यान में रखते हुए रकम के स्रोत तथा उसकी बरामदगी से जुड़े तथ्यों की जांच हो।
Mirzapur Padri Police Viral Video: जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई
पड़री थाना क्षेत्र का यह मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ गया है। एक ओर पुलिस का दावा है कि रकम परिवार को वापस कर दी गई, दूसरी ओर मिठू प्रसाद और उनकी पत्नी 70 हजार रुपये कम लौटाए जाने का आरोप लगा रहे हैं।
ऐसे में निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों को सार्वजनिक करना महत्वपूर्ण होगा। जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी की ओर से अनियमितता या कानून का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि पुलिस का दावा सही पाया जाता है तो उसे भी दस्तावेजों और प्रमाणों के आधार पर स्पष्ट किया जाना चाहिए।
फिलहाल, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है।

Mirzapur Padri Police Viral Video: पुलिस का दावा: रकम गिनकर परिवार को वापस की गई