Ayodhya Deepotsav 2026: सीएम योगी की प्रदेशवासियों से अपील, परिवार के साथ अयोध्या आएं और स्थानीय कारीगरों के दीये खरीदें
लखनऊ। अयोध्या में होने वाले दसवें भव्य दीपोत्सव 2026 (Ayodhya Deepotsav 2026) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से विशेष अपील की है कि वे अपने परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या पहुंचें और दीपोत्सव की भव्यता का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने अपनी 49वीं ‘योगी की पाती’ के माध्यम से लोगों को दीपोत्सव का निमंत्रण देते हुए स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया है।
सीएम योगी ने कहा कि दीपोत्सव केवल दीप जलाने और उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह भारत की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक भी है। इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार और कारोबार के नए अवसर मिलते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अयोध्या आने पर स्थानीय कुम्हारों के हाथों से बने मिट्टी के दीये और अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद जरूर खरीदें।
Ayodhya Deepotsav 2026: परिवार के साथ अयोध्या आने का दिया निमंत्रण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव देश-दुनिया के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है। मां सरयू के तट पर सजी दीपमालाएं और राम की पैड़ी पर जगमगाते लाखों दीप इस धार्मिक नगरी को अद्भुत स्वरूप प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के दौरान होने वाली विशेष सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कलाकारों की प्रस्तुतियां और ड्रोन के माध्यम से दिखाई जाने वाली आकाशीय झांकियां आयोजन की भव्यता को और बढ़ाती हैं।
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस बार दीपोत्सव को केवल टेलीविजन या मोबाइल पर देखने तक सीमित न रखें, बल्कि परिवार और मित्रों के साथ अयोध्या पहुंचकर इस आयोजन का प्रत्यक्ष अनुभव करें। उनके मुताबिक, इस तरह की जनभागीदारी से सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
Ayodhya Deepotsav 2026: स्थानीय कारीगरों के दीये खरीदने की अपील
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव को आस्था के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में जलने वाला प्रत्येक मिट्टी का दीपक किसी कुम्हार की मेहनत और उसके परिवार की आजीविका से जुड़ा होता है।
दीपोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में मिट्टी के दीयों की जरूरत होती है। इससे स्थानीय कुम्हारों को अपने उत्पाद बेचने का अवसर मिलता है। इसके अलावा आयोजन से जुड़े विभिन्न कार्यों में श्रमिकों, फूल विक्रेताओं, हस्तशिल्पियों, छोटे दुकानदारों और होटल कारोबारियों को भी रोजगार मिलता है।
सीएम योगी ने लोगों से अपील की कि वे खरीदारी करते समय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। स्थानीय कारीगरों से दीये, सजावटी सामान और हस्तनिर्मित वस्तुएं खरीदकर उनके काम को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री के संदेश का उद्देश्य दीपोत्सव को धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के साथ स्थानीय रोजगार तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले अवसर के रूप में भी स्थापित करना है।
Ayodhya Deepotsav 2026: जरूरतमंद परिवारों की दीपावली रोशन करने का संदेश
सीएम योगी ने अपने संदेश में समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को भी दीपावली की खुशियों में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी तभी है, जब समाज का हर वर्ग इसमें भागीदार बने।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कहा कि वे अपने आसपास रहने वाले ऐसे परिवारों की पहचान करें, जो आर्थिक परेशानियों के कारण दीपावली का त्योहार ठीक से नहीं मना पाते। अपनी सामर्थ्य के अनुसार ऐसे परिवारों को मिट्टी के दीये, मिठाइयां और नए कपड़े भेंट किए जा सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से भी सकारात्मक ऊर्जा के साथ सामाजिक कार्यों में भागीदारी करने का आह्वान किया। साथ ही त्योहार के दौरान स्वच्छता बनाए रखने और अपने आसपास के वातावरण को साफ रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, दूसरों के जीवन में खुशियां बांटना और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना ही दीपोत्सव की मूल भावना है।
Ayodhya Deepotsav 2026: भरत जी के त्याग और समर्पण का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी ‘योगी की पाती’ में रामायण के एक महत्वपूर्ण प्रसंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने भगवान श्रीराम के छोटे भाई भरत जी के त्याग, समर्पण और मर्यादा को याद किया।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास के दौरान भरत जी ने राजसुख का त्याग किया था। उन्होंने श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर स्थापित करके राज्य का संचालन किया।
सीएम योगी ने इस प्रसंग के माध्यम से बताया कि सत्ता का वास्तविक अर्थ केवल अधिकार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है। भरत जी का जीवन त्याग, कर्तव्य और समर्पण की भावना का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव को अंधकार से प्रकाश, निराशा से आशा और आस्था से विकास की यात्रा का प्रतीक बताया। उनके संदेश में धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक मूल्यों को भी प्रमुखता दी गई।
Ayodhya Deepotsav 2026: 5 से 7 नवंबर तक होगा दसवां दीपोत्सव
अयोध्या में दसवें दीपोत्सव का मुख्य आयोजन 5 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक निर्धारित है। इससे जुड़े कार्यक्रम 8 नवंबर तक जारी रहेंगे। आयोजन को लेकर अयोध्या में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इस दौरान सरयू नदी के तट और राम की पैड़ी सहित शहर के प्रमुख स्थानों पर दीप सज्जा की जाएगी। रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशेष ड्रोन प्रस्तुतियां भी आयोजन का हिस्सा रहेंगी।
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने वाली प्रस्तुतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे परिवार के साथ अयोध्या आएं, स्थानीय कारीगरों के दीये खरीदें और जरूरतमंद परिवारों की दीपावली भी खुशियों से भरने का प्रयास करें।
इस तरह मुख्यमंत्री का संदेश दीपोत्सव को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए स्थानीय रोजगार, सामाजिक सहयोग, सांस्कृतिक विरासत और जनभागीदारी से जोड़ता है।
