UP Mega Textile Park: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लखनऊ-हरदोई सीमा पर विकसित किए जा रहे प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क के मास्टर डेवलपर के चयन को मंजूरी दे दी गई। इस परियोजना के लिए रामकी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को पसंदीदा बोलीदाता के रूप में चुना गया है।
करीब 1,947 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित होने वाला यह मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रदेश में वस्त्र एवं परिधान उद्योग को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने के साथ लगभग एक लाख कुशल और अकुशल युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार को उम्मीद है कि इस पार्क के विकसित होने से कपड़ा निर्माण, गारमेंट उद्योग, फैशन टेक्नोलॉजी और निर्यात से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय बुनकरों, परिधान निर्माताओं और निर्यातकों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
UP Mega Textile Park: लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ में विकसित होगा पार्क
PM MITRA मेगा टेक्सटाइल पार्क को लखनऊ और हरदोई की सीमा पर लगभग 1,000 एकड़ भूमि में विकसित किया जा रहा है। यह केंद्र सरकार की PM MITRA योजना के तहत स्थापित होने वाली एकीकृत वस्त्र एवं परिधान परियोजना है।
इसका उद्देश्य कपड़ा उद्योग की विभिन्न गतिविधियों को एक ही स्थान पर विकसित करना है। कपास और अन्य रेशों से संबंधित उत्पादन से लेकर धागा बनाने, बुनाई, कपड़े की प्रोसेसिंग, रंगाई, प्रिंटिंग और परिधान निर्माण जैसी गतिविधियों को एक औद्योगिक परिसर में जोड़ने की योजना है।
इस तरह की एकीकृत व्यवस्था से उद्योगों को उत्पादन के अलग-अलग चरणों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं। इससे माल की आवाजाही, उत्पादन प्रक्रिया और औद्योगिक इकाइयों के बीच समन्वय बेहतर होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में पहले से ही वस्त्र, हथकरघा, कालीन और परिधान निर्माण से जुड़ी गतिविधियां होती हैं। ऐसे में इस परियोजना को प्रदेश के मौजूदा औद्योगिक आधार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
UP Mega Textile Park: रामकी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड बनेगी मास्टर डेवलपर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में परियोजना के मास्टर डेवलपर के चयन के लिए प्राप्त एकमात्र बोली को स्वीकार करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद रामकी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को पसंदीदा बोलीदाता के रूप में चुने जाने पर औपचारिक मंजूरी दी गई।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान के अनुसार, इस परियोजना की अनुमानित लागत 1,947 करोड़ रुपये है। केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित प्रावधानों के तहत परियोजना लागत के 30 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा 500 करोड़ रुपये है।
परियोजना के विकास और संचालन की जिम्मेदारी केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त स्वामित्व वाली विशेष प्रयोजन कंपनी PM MITRA Park Uttar Pradesh Limited के माध्यम से निभाई जाएगी।
इस कंपनी में उत्तर प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस व्यवस्था के जरिए परियोजना के विकास, संचालन और प्रबंधन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की योजना है।
UP Mega Textile Park: 99 साल की लीज पर दी गई 1,000 एकड़ भूमि
टेक्सटाइल पार्क के विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष प्रयोजन कंपनी को 1,000 एकड़ भूमि 99 वर्ष की दीर्घकालिक लीज पर उपलब्ध कराई है। इसके लिए एक रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की सांकेतिक दर निर्धारित की गई है।
परियोजना के मास्टर डेवलपर के चयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निविदा प्रक्रिया अपनाई गई। अधिकारियों के अनुसार, देश के आठ प्रमुख महानगरों में निविदा आमंत्रित की गई थी। तकनीकी और वित्तीय परीक्षण के बाद प्राप्त बोली का मूल्यांकन किया गया।
यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल पर विकसित की जाएगी। इसके लिए डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण आधारित DBFOT मॉडल अपनाया गया है। परियोजना में पांच वर्ष की निर्माण अवधि सहित कुल 50 वर्ष की रियायत अवधि निर्धारित की गई है।
इस मॉडल के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार निजी क्षेत्र की भागीदारी से बुनियादी ढांचे का विकास और संचालन किया जाएगा।
UP Mega Textile Park: पार्क में मिलेंगी आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं
PM MITRA पार्क में वस्त्र एवं परिधान उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उद्योगों को उत्पादन शुरू करने के लिए जरूरी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है।
परियोजना के तहत पार्क के भीतर आंतरिक सड़कों, विद्युत वितरण नेटवर्क, तैयार उपयोग योग्य फैक्ट्री शेड, इनक्यूबेशन सेंटर और कॉमन बॉयलर जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
राज्य सरकार की ओर से पार्क तक बाहरी सड़क संपर्क, बिजली और जलापूर्ति जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। परियोजना के लिए छह लेन की सड़क संपर्क व्यवस्था और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना भी शामिल है।
इन सुविधाओं से औद्योगिक इकाइयों को उत्पादन संबंधी बुनियादी जरूरतों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं विकसित करने का बोझ कम हो सकता है। इससे निवेशकों को उद्योग स्थापित करने और संचालन शुरू करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
UP Mega Textile Park: पर्यावरण संरक्षण पर भी रहेगा जोर
टेक्सटाइल उद्योग में रंगाई, प्रिंटिंग और कपड़े की प्रोसेसिंग जैसी गतिविधियों के दौरान औद्योगिक अपशिष्ट जल निकलता है। इसके उचित उपचार और पुनर्चक्रण के लिए पार्क में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की योजना है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य औद्योगिक अपशिष्ट जल का उपचार करके उसके पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना है। इससे पर्यावरणीय मानकों के पालन और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद मिल सकती है।
इसके अतिरिक्त पार्क में श्रमिकों के लिए सुरक्षित हॉस्टल, आवासीय परिसर, स्वास्थ्य केंद्र, कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थान, वेयरहाउसिंग और आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
महिला कामगारों के लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था भी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वस्त्र एवं परिधान उद्योग में बड़ी संख्या में श्रमिकों की जरूरत होती है, इसलिए आवास, स्वास्थ्य और कौशल प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं कार्यबल के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।
UP Mega Textile Park: एक लाख युवाओं के लिए रोजगार का लक्ष्य
PM MITRA मेगा टेक्सटाइल पार्क का सबसे बड़ा लक्ष्य रोजगार के अवसर बढ़ाना है। परियोजना से लगभग एक लाख कुशल और अकुशल युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
प्रत्यक्ष रोजगार में कपड़ा निर्माण, बुनाई, रंगाई, प्रिंटिंग, सिलाई, परिधान निर्माण, मशीन संचालन और गुणवत्ता जांच जैसे काम शामिल हो सकते हैं। वहीं, अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर परिवहन, पैकेजिंग, गोदाम प्रबंधन, रखरखाव, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सहायक सेवाओं में विकसित हो सकते हैं।
हालांकि, रोजगार के वास्तविक अवसर परियोजना के विकास, उद्योगों की स्थापना, निवेश और उत्पादन शुरू होने के साथ सामने आएंगे। एक लाख रोजगार का आंकड़ा परियोजना से जुड़ा अनुमानित लक्ष्य है, तत्काल उपलब्ध नौकरियों की संख्या नहीं।
युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण भी महत्वपूर्ण रहेगा। वस्त्र उद्योग में मशीनों के संचालन, डिजाइनिंग, सिलाई, गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी प्रक्रियाओं से जुड़े प्रशिक्षण से स्थानीय युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिल सकती है।
UP Mega Textile Park: बुनकरों, गारमेंट निर्माताओं और निर्यातकों को मिलेगा अवसर
उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में हथकरघा, पारंपरिक वस्त्र, कढ़ाई, कालीन और परिधान निर्माण से जुड़ी गतिविधियां होती हैं। एकीकृत टेक्सटाइल पार्क से इन क्षेत्रों में काम करने वाले उद्यमियों को बड़े औद्योगिक नेटवर्क से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं।
पार्क में आधुनिक उत्पादन सुविधाएं विकसित होने से कपड़ा और परिधान उद्योग से जुड़े निवेशकों को एक स्थान पर बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो सकता है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बाजार की मांग के अनुरूप काम करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
निर्यात से जुड़ी कंपनियों के लिए भी आधुनिक लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और उत्पादन सुविधाएं उपयोगी हो सकती हैं। हालांकि, परियोजना का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कितनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित होती हैं, कितना निवेश आता है और उत्पादन किस गति से शुरू होता है।
UP Mega Textile Park: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई दिशा
PM MITRA पार्क केंद्र सरकार की उस योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश में एकीकृत वस्त्र एवं परिधान उद्योग के लिए आधुनिक औद्योगिक परिसर विकसित करना है। उत्तर प्रदेश में इस परियोजना से वस्त्र उद्योग को संगठित रूप देने और निवेश के नए अवसर तैयार करने की संभावना है।
राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश को वस्त्र निर्माण, परिधान उत्पादन और फैशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। लखनऊ-हरदोई सीमा पर बनने वाला यह पार्क इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है।
कैबिनेट से मास्टर डेवलपर के चयन को मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना के विकास और निर्धारित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। आने वाले समय में बुनियादी ढांचे के निर्माण, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और निवेश की प्रगति पर परियोजना की सफलता निर्भर करेगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य 1,947 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला PM MITRA मेगा टेक्सटाइल पार्क उत्तर प्रदेश में वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर तैयार करने की महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसके पूरी तरह विकसित होने पर लखनऊ, हरदोई और आसपास के क्षेत्रों की औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
