Haryana Journalists Demands:  सीएम नायब सिंह सैनी से मिला CHJU प्रतिनिधिमंडल, कैशलेस कार्ड और पेंशन बढ़ाने की मांग

संवाददाता: डॉ. एम.पी. भार्गव

Haryana Journalists Demands: चंडीगढ़। चंडीगढ़ एंड हरियाणा जर्नलिस्ट यूनियन (CHJU) ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर प्रदेश के पत्रकारों की लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने पत्रकारों के कैशलेस मेडिकल कार्ड जल्द जारी करने, मासिक पेंशन बढ़ाने, प्रेस मान्यता और पेंशन के नियम सरल बनाने, छोटे एवं मध्यम समाचार पत्रों को नियमित विज्ञापन देने तथा पत्रकारों को मिलने वाली निशुल्क बस सुविधा से किलोमीटर की सीमा हटाने की मांग की।

यूनियन का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष राम ह बराड़ और चेयरमैन बलवंत तक्षक के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचा। यहां प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखी और लंबित मांगों को जल्द पूरा करने का आग्रह किया।

यूनियन के नेताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया। हालांकि, ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर सरकार की ओर से किसी निर्णय या समयसीमा की जानकारी नहीं दी गई।

Haryana Journalists Demands: पत्रकारों के कैशलेस मेडिकल कार्ड जल्द जारी करने की मांग

CHJU ने मुख्यमंत्री को बताया कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश के पत्रकारों को कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। यूनियन के मुताबिक, अब तक पत्रकारों को इस योजना के तहत कैशलेस मेडिकल कार्ड नहीं मिल पाए हैं।

यूनियन ने मांग की कि योजना को जल्द लागू करते हुए पात्र पत्रकारों के कार्ड जारी किए जाएं, ताकि उन्हें इलाज के दौरान आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

कैशलेस चिकित्सा सुविधा का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को निर्धारित अस्पतालों में इलाज के लिए सीधे भुगतान की व्यवस्था उपलब्ध कराना होता है। पत्रकारों के लिए इस सुविधा का लागू होना स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के समय आर्थिक सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है।

CHJU ने सरकार से इस विषय पर लंबित प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया। यूनियन का कहना है कि पत्रकारों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए घोषित योजना का लाभ समय पर मिलना चाहिए।

Haryana Journalists Demands:  पत्रकारों की मासिक पेंशन बढ़ाने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकारों की पेंशन में बढ़ोतरी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया। यूनियन के अनुसार, हरियाणा में पत्रकारों को फिलहाल 15 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है।

CHJU ने कहा कि आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले कार्यकर्ताओं, हिंदी आंदोलन में भाग लेने वाले कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को पहले समान स्तर पर पेंशन मिलती रही है। यूनियन का कहना है कि हाल में आपातकाल के दौरान यातनाएं झेलने वाले लोगों और हिंदी आंदोलन के कार्यकर्ताओं की पेंशन बढ़ाई गई, जबकि पत्रकारों की पेंशन में बढ़ोतरी नहीं हुई।

यूनियन ने इस अंतर का उल्लेख करते हुए पत्रकारों की पेंशन भी बढ़ाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि अन्य राज्यों में पत्रकारों को मिलने वाली पेंशन की तुलना में हरियाणा की राशि कम है। इसी आधार पर पेंशन में तत्काल बढ़ोतरी किए जाने का आग्रह किया गया।

पेंशन में बढ़ोतरी से संबंधित अंतिम निर्णय सरकार के नियमों, पात्रता शर्तों और वित्तीय प्रावधानों के आधार पर लिया जाना है। फिलहाल CHJU ने इस मांग को ज्ञापन के माध्यम से दोबारा उठाया है।

Haryana Journalists Demands: प्रेस मान्यता और पेंशन के नियम सरल करने का आग्रह

CHJU ने प्रेस मान्यता और पत्रकार पेंशन से संबंधित नियमों को सरल बनाने की मांग भी रखी। यूनियन का कहना है कि नियमों में सहजता आने से अधिक संख्या में पत्रकार मान्यता प्राप्त कर सकेंगे और पात्र पत्रकारों को पेंशन योजना का लाभ मिल सकेगा।

प्रेस मान्यता पत्रकारों की पेशेवर पहचान और सरकारी स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। वहीं, पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होता है।

यूनियन ने आग्रह किया कि इन नियमों की समीक्षा कर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे अलग-अलग माध्यमों में काम करने वाले पात्र पत्रकारों को सुविधा मिल सके।

CHJU के अनुसार, नियमों को सरल बनाने से उन पत्रकारों को भी लाभ मिल सकता है, जो मौजूदा शर्तों के कारण मान्यता या पेंशन योजना के दायरे से बाहर रह जाते हैं।

Haryana Journalists Demands: सांध्य दैनिक, साप्ताहिक और मासिक अखबारों के पत्रकारों को मिले मान्यता कार्ड

ज्ञापन में सांध्य दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिक समाचार पत्रों से जुड़े पत्रकारों का मुद्दा भी शामिल रहा।

CHJU ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन समाचार पत्रों के पत्रकारों को पहले की तरह प्रेस मान्यता कार्ड जारी किए जाएं। यूनियन का कहना है कि विभिन्न आवधिक प्रकाशनों में काम करने वाले पत्रकारों को भी निर्धारित नियमों के तहत मान्यता की सुविधा मिलनी चाहिए।

समाचार पत्रों की आवृत्ति अलग-अलग हो सकती है। कुछ अखबार दैनिक प्रकाशित होते हैं, जबकि कुछ साप्ताहिक, पाक्षिक या मासिक आधार पर प्रकाशित किए जाते हैं। ऐसे प्रकाशनों में काम करने वाले पत्रकारों की मान्यता को लेकर स्पष्ट और सरल नियम होने की मांग यूनियन ने उठाई।

इस मांग का उद्देश्य पत्रकारिता के अलग-अलग माध्यमों से जुड़े पात्र लोगों के लिए मान्यता प्रक्रिया को सुगम बनाना है।

Haryana Journalists Demands:  छोटे और मध्यम समाचार पत्रों को नियमित विज्ञापन देने की मांग

CHJU ने लघु एवं मीडियम समाचार पत्रों को नियमित रूप से विज्ञापन दिए जाने की मांग भी की। यूनियन ने मुख्यमंत्री से कहा कि छोटे और मध्यम समाचार पत्रों को पहले की तरह विज्ञापन उपलब्ध कराए जाएं।

समाचार पत्रों के संचालन में विज्ञापन से होने वाली आय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सीमित संसाधनों वाले प्रकाशनों के लिए नियमित विज्ञापन आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में मददगार हो सकते हैं।

यूनियन ने इस विषय को उठाते हुए सरकार से छोटे और मध्यम समाचार पत्रों के हितों पर ध्यान देने का आग्रह किया। हालांकि, विज्ञापन आवंटन के लिए सरकारी नीति, पात्रता मानदंड और अन्य शर्तें लागू हो सकती हैं। ज्ञापन में CHJU ने नियमित विज्ञापन उपलब्ध कराने की मांग रखी है।

Haryana Journalists Demands: पत्रकारों की निशुल्क बस सुविधा से किलोमीटर सीमा हटाने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकारों को मिलने वाली निशुल्क बस यात्रा सुविधा पर लागू किलोमीटर सीमा हटाने की मांग भी की।

CHJU के अनुसार, बस सुविधा पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें समाचार संकलन, प्रशासनिक गतिविधियों की कवरेज और अन्य पत्रकारिता संबंधी कार्यों के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता है।

यूनियन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि निशुल्क बस यात्रा पर लगी दूरी संबंधी सीमा समाप्त की जाए, ताकि पत्रकारों को आवागमन में अधिक सुविधा मिल सके।

यह मांग पत्रकारों की कार्यगत जरूरतों और यात्रा संबंधी खर्चों से जुड़ी है। यूनियन ने इसे अपनी लंबित मांगों में शामिल करते हुए जल्द लागू करने का अनुरोध किया।

Haryana Journalists Demands: लंबित मांगों को जल्द पूरा करने का आग्रह

CHJU ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में पत्रकारों से संबंधित अन्य लंबित मांगों को भी शीघ्र पूरा करने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि चिकित्सा सुविधा, पेंशन, प्रेस मान्यता, समाचार पत्रों को विज्ञापन और बस यात्रा जैसी व्यवस्थाएं पत्रकारों के कामकाज तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी हैं।

यूनियन के अध्यक्ष राम सिंह बराड़ और चेयरमैन बलवंत तक्षक के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने इन विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

यूनियन नेताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और मांगों के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया। अब इन मांगों पर सरकार की ओर से आगे की कार्रवाई और निर्णय का इंतजार रहेगा।

फिलहाल इस मुलाकात के माध्यम से CHJU ने हरियाणा के पत्रकारों की समस्याओं और लंबित मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रखा है। मांगों पर अंतिम निर्णय और उन्हें लागू करने की समयसीमा के बारे में सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.