Mission Karmayogi: यूपी में 19.26 लाख कर्मचारी iGOT पोर्टल से जुड़े, 3.86 करोड़ ट्रेनिंग पूरी

Mission Karmayogi: उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए मिशन कर्मयोगी के तहत क्षमता विकास पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बदलती तकनीक और नागरिकों की बढ़ती अपेक्षाओं के अनुरूप लोक सेवाओं को अधिक सक्षम, पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह बनाना समय की आवश्यकता है। इसी दिशा में प्रदेश में डिजिटल प्रशिक्षण और प्रशासनिक क्षमता विकास के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

मिशन कर्मयोगी के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक 19.26 लाख से अधिक कर्मचारी iGOT (Integrated Government Online Training) पोर्टल से जुड़ चुके हैं। वहीं, 3.86 करोड़ से अधिक प्रशिक्षण पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा, प्रदेश के 334 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान उन्नति पोर्टल से जुड़ चुके हैं। इन पहलों का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को नई तकनीक, आधुनिक कार्यप्रणाली और नागरिक-केंद्रित प्रशासन के लिए तैयार करना है।

Mission Karmayogi: लोक सेवकों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन कर्मयोगी के विजन का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था में क्षमता विकास के महत्व को रेखांकित किया। इस पहल का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उनके ज्ञान, कौशल और कार्यक्षमता में सुधार करना भी है।

बदलते समय में सरकारी विभागों के सामने नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। नागरिकों की अपेक्षाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उनकी कार्यशैली में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना आवश्यक है।

मिशन कर्मयोगी इसी सोच के साथ लोक सेवकों को बेहतर ढंग से काम करने के लिए तैयार करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें सरकारी सेवाएं नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप हों और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंच सके।

Mission Karmayogi: iGOT पोर्टल से जुड़े 19.26 लाख से अधिक कर्मचारी

उत्तर प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के तहत डिजिटल प्रशिक्षण को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश के 19.26 लाख से अधिक कर्मचारी iGOT पोर्टल से जुड़ चुके हैं। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 3.86 करोड़ से अधिक प्रशिक्षण पूरे किए गए हैं।

iGOT कर्मयोगी एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से सरकारी कर्मचारियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को उनके कार्य और जिम्मेदारियों के अनुरूप जरूरी ज्ञान तथा कौशल उपलब्ध कराना है।

डिजिटल प्रशिक्षण व्यवस्था से कर्मचारियों को अपनी जरूरत के अनुसार सीखने का अवसर मिलता है। इससे विभिन्न विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों की क्षमता विकसित करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।

सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए कर्मचारियों का लगातार सीखते रहना महत्वपूर्ण है। तकनीक आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें नई कार्यप्रणालियों और बदलती प्रशासनिक जरूरतों से परिचित कराया जा सकता है।

 

 

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Mission Karmayogi: 334 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान उन्नति पोर्टल से जुड़े

उत्तर प्रदेश में क्षमता विकास को संस्थागत रूप देने के लिए प्रशिक्षण संस्थानों को भी आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश के 334 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान उन्नति पोर्टल से जुड़ चुके हैं।

उन्नति पोर्टल का उद्देश्य प्रशिक्षण संस्थानों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना और उनके बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यक्षमता सुधारने, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इस पहल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और भारतीय ज्ञान परंपरा को प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसका मकसद प्रशिक्षण संस्थानों को मौजूदा और भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है।

प्रशिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण से सरकारी कर्मचारियों के क्षमता विकास को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है। साथ ही, संस्थानों के बीच अनुभव और संसाधन साझा करने के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

Mission Karmayogi: दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही से मजबूत होगा सुशासन

मिशन कर्मयोगी का एक प्रमुख उद्देश्य लोक सेवाओं को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाना है। इसके तहत प्रशासनिक व्यवस्था में दक्षता, संवेदनशीलता, जवाबदेही और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

सुशासन के लिए जरूरी है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाएं। नागरिकों की समस्याओं को समझें और सरकारी सेवाओं को सरल तथा सुलभ बनाने की दिशा में काम करें।

प्रशासनिक क्षमता विकास के माध्यम से कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे सरकारी विभागों में काम करने के तरीकों को बेहतर बनाने और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

मिशन कर्मयोगी का व्यापक उद्देश्य न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की भावना को मजबूत करना और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाना है। इसके तहत ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने पर ध्यान दिया जाता है, जो नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता दे और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप काम कर सके।

Mission Karmayogi:  लखनऊ में 23 और 24 अक्टूबर को होगी क्षेत्रीय कार्यशाला

मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाने की दिशा में लखनऊ में 23 और 24 अक्टूबर 2026 को साधना श्रृंखला 2026 की तीसरी क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसका आयोजन क्षमता विकास आयोग (Capacity Building Commission) की ओर से किया जा रहा है।

कार्यशाला का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसमें केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय से जुड़े राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी उपस्थित रहेंगे।

कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक, दक्षता-आधारित क्षमता विकास संस्थानों के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श करना है। इसमें प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशासन, नेतृत्व, कार्यक्षमता और आपसी सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।

इसके अलावा, प्रशिक्षण में डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, संकाय सदस्यों की दक्षता बढ़ाने और प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

Mission Karmayogi: आठ राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

लखनऊ में आयोजित होने वाली इस क्षेत्रीय कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

इसके साथ ही चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रतिनिधियों की भी भागीदारी प्रस्तावित है। इस तरह कार्यशाला में उत्तरी क्षेत्र के आठ राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जाएगा।

इस दौरान वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों, संकाय सदस्यों, विषय विशेषज्ञों और अन्य संबंधित प्रतिनिधियों के बीच विचार-विमर्श होगा। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण संस्थानों के अनुभव साझा करना और क्षमता विकास की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा करना है।

क्षमता विकास आयोग की इस पहल के तहत विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यशालाओं से प्राप्त सुझावों को प्रशिक्षण संस्थानों के रूपांतरण के लिए तैयार किए जा रहे व्यापक ढांचे में शामिल किया जाएगा।

Mission Karmayogi: मिशन कर्मयोगी से प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने का प्रयास

मिशन कर्मयोगी के तहत डिजिटल प्रशिक्षण, संस्थागत क्षमता विकास और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में iGOT पोर्टल से जुड़े कर्मचारियों और पूरे किए गए प्रशिक्षणों की संख्या इस पहल के व्यापक स्तर को दर्शाती है।

हालांकि, प्रशिक्षण की संख्या के साथ-साथ उसका वास्तविक प्रभाव भी महत्वपूर्ण है। प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार का आकलन इस आधार पर किया जा सकता है कि प्रशिक्षण से कर्मचारियों के कामकाज, नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता और सरकारी प्रक्रियाओं में कितना सुधार आता है।

लखनऊ में होने वाली क्षेत्रीय कार्यशाला इसी दिशा में प्रशिक्षण संस्थानों की भूमिका को मजबूत करने और उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने पर केंद्रित होगी। इसका व्यापक लक्ष्य ऐसे लोक सेवकों को तैयार करना है, जो तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ नागरिकों की जरूरतों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील भी हों।

 

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