Punjab Employees Strike: पंजाब में सरकारी कर्मचारियों का हल्ला बोल, दो दिवसीय हड़ताल से सभी सरकारी दफ्तर और स्कूल ठप।
मुख्यालयों पर रोष रैलियां आयोजित: कर्मचारियों ने सामूहिक छुट्टी लेकर डीसी कार्यालयों का किया घेराव।
Punjab Employees Strike 2026: पंजाब के सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों और शिक्षकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘सांझा मुलाजिम मंच’ और ‘एलिमेंट्री टीचर यूनियन’ के आह्वान पर 21 और 22 अक्टूबर को पूरे पंजाब में दो दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा की गई है। इस हड़ताल के कारण पंजाब सचिवालय से लेकर निदेशालय, डीसी कार्यालय, ब्लॉक कार्यालय और तहसील दफ्तरों तक का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों के सामूहिक अवकाश (मास लीव) लेने के कारण राज्य भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई बाधित हुई है।
Punjab Employees Strike: कर्मचारियों की प्रमुख मांगे
यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष और सांझा मुलाजिम मंच के संयोजक हरजिंदरपाल सिंह पन्नू ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए अपनी मुख्य मांगों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पूर्ण रूप से लागू करना है। इसके अलावा, केंद्रीय वेतन पैटर्न के फैसले को रद्द करना, 2015 की प्रोबेशन अवधि नीति के तहत हो रहे नए कर्मचारियों के आर्थिक शोषण को रोकना और उन्हें पूर्ण वेतन ग्रेड देना शामिल है।
यूनियन ने मांग की है कि राज्य के सभी कच्चे कर्मचारियों (अनुबंधित), प्राइमरी स्तर के एसोसिएट शिक्षकों तथा कंप्यूटर शिक्षकों को तुरंत प्रभाव से पक्का (नियमित) किया जाए। इसके साथ ही छठे वेतन आयोग (6th Pay Commission) की त्रुटियों को दूर कर 2.59 का गुणांक लागू करने, बंद किए गए बॉर्डर अलाउंस और रूरल अलाउंस को बहाल करने तथा एसीपी (ACP) के मुद्दों का समाधान करने की बात प्रमुखता से उठाई गई है।

Punjab Employees Strike: सरकार की बैठकों को बताया बेनतीजा
यूनियन नेताओं ने कहा कि इससे पहले भी 27 अगस्त को पूरे राज्य में सफल प्रदर्शन हुआ था, जिसके बाद सरकार ने बैठक बुलाई थी, लेकिन कर्मचारियों की ठोस मांगों को स्वीकार नहीं किया गया। हाल ही में मुख्य सचिव (Chief Secretary) स्तर पर बुलाई गई बैठक को अस्वीकार करते हुए कर्मचारियों ने मांग की है कि वार्ता सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ होनी चाहिए, ताकि मांगों का स्थायी और ठोस समाधान निकल सके। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।
Punjab Employees Strike: सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त, पुलिस अलर्ट पर
प्रदर्शनों और रोष रैलियों को देखते हुए प्रशासन तथा पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है। सिविल लाइन्स पुलिस थाना के एसएचओ राजिंदर सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। डीसी ऑफिस तथा शहर के प्रमुख गेटों और परिसरों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बातचीत से जल्द ही कोई संतोषजनक समाधान निकल आएगा।
UP Ranji Team Captain: आर्यन जुयाल को यूपी रणजी टीम का कप्तान चुने जाने पर मिल रही बधाइयां
