CM Yogi Vijayadashami 2026: गोरखपुर में भव्य शोभायात्रा, श्रीराम का राजतिलक कर बोले योगी- सनातन की छाया में सभी सुरक्षित

CM Yogi Vijayadashami 2026: गोरखपुर। विजयादशमी के पावन अवसर पर गोरखपुर में आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में गोरखनाथ मंदिर से पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में नाथपंथ की परंपराओं, लोक संस्कृति और धार्मिक उत्साह की झलक दिखाई दी। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। मुस्लिम, बुनकर और सिंधी समाज के लोगों की सहभागिता भी देखने को मिली।

शोभायात्रा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आर्यनगर के रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी तथा प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म, सामाजिक एकता, राष्ट्रहित, नशामुक्ति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में सनातन परंपरा की छाया में अलग-अलग जातियों, संप्रदायों, मतों और मजहबों के लोगों को सुरक्षा और समृद्धि का अवसर मिल रहा है। उन्होंने समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने वाली प्रवृत्तियों से सावधान रहने तथा राष्ट्र की एकता मजबूत करने का आह्वान किया।

CM Yogi Vijayadashami 2026:  गोरखनाथ मंदिर से निकली विजयादशमी की पारंपरिक शोभायात्रा

विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 की शाम गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर से पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा निकाली गई। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह नाथपंथ के पारंपरिक परिधान में सुसज्जित होकर फूलों से सजे रथ पर सवार हुए और शोभायात्रा की अगुवाई की।

शोभायात्रा के दौरान नाथपंथ के पारंपरिक वाद्ययंत्र नागफनी, तुरही, नगाड़े और डमरू की ध्वनि के साथ बैंड-बाजे की गूंज सुनाई दी। हनुमान दल के बालकों ने भी अपने करतब प्रस्तुत किए। मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग शोभायात्रा को देखने के लिए मौजूद रहे।

यह आयोजन गोरक्षपीठ की पुरानी धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विजयादशमी के दिन गुरु गोरखनाथ की पूजा से शुरू होने वाला यह क्रम भगवान शिव की आराधना और प्रभु श्रीराम के राजतिलक तक पहुंचता है। इस परंपरा में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक विरासत की निरंतरता भी दिखाई देती है।

CM Yogi Vijayadashami 2026:  मुस्लिम और बुनकर समाज ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

गोरखनाथ मंदिर से आगे बढ़ने के बाद शोभायात्रा का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया। मुस्लिम और बुनकर समाज के लोगों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनंदन किया। इस दौरान आपसी सद्भाव और सामाजिक सहभागिता की तस्वीर देखने को मिली।

उर्दू अकादमी के पूर्व अध्यक्ष चौधरी कैफुलवरा ने भी गोरक्षपीठाधीश्वर का माल्यार्पण कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और गोरखनाथ मंदिर के नवरात्र अनुष्ठान का प्रसाद वितरित किया।

विजयादशमी जैसे धार्मिक आयोजनों में विभिन्न समुदायों की भागीदारी सामाजिक समरसता के संदेश को सामने लाती है। गोरखपुर की इस शोभायात्रा में भी धार्मिक परंपरा के साथ स्थानीय समाज की सहभागिता दिखाई दी।

शोभायात्रा के दौरान लोक कलाकारों के दस दलों ने अलग-अलग स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। अयोध्या के कलाकारों ने शंख वादन और बधावा नृत्य प्रस्तुत किया। बांदा के कलाकारों ने पाई डंडा, जबकि गोरखपुर के कलाकारों ने फरूवाही और अन्य लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी। मथुरा के कलाकारों ने मयूर नृत्य के माध्यम से ब्रज संस्कृति की झलक दिखाई। प्रयागराज और गोरखपुर के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

इन प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की विविध लोककलाओं और पारंपरिक सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया गया।

CM Yogi Vijayadashami 2026:  मानसरोवर मंदिर में पूजा, रामलीला मैदान में श्रीराम का राजतिलक

गोरखनाथ मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंची। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवाधिदेव भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान की ओर बढ़ी।

रामलीला मैदान पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की पूजा की तथा आरती उतारी। इसके बाद उन्होंने प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया। इस धार्मिक आयोजन के साथ विजयादशमी की पारंपरिक शोभायात्रा का प्रमुख कार्यक्रम संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान के बाहर भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। इस तरह कार्यक्रम में धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को भी स्थान मिला।

विजयादशमी का पर्व सत्य, न्याय और धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। भगवान श्रीराम के राजतिलक की परंपरा इसी आदर्श को सामने रखती है। रामलीला के माध्यम से लोगों को मर्यादा, कर्तव्य, सत्य और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी जाती है।

CM Yogi Vijayadashami 2026: ‘सनातन की छाया में सभी को सुरक्षा और समृद्धि’

विजयादशमी के अवसर पर आयोजित सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म और भारत की सांस्कृतिक परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में सनातन की छाया में अलग-अलग जातियों, संप्रदायों, मतों और मजहबों के लोगों को सुरक्षा मिल रही है और देश बिना भेदभाव समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने दुनिया के विभिन्न समुदायों और विचारधाराओं के बीच होने वाले संघर्षों का उल्लेख करते हुए भारत की सांस्कृतिक परंपरा को सह-अस्तित्व और समन्वय से जोड़ा। उन्होंने कहा कि देश की एकता और मजबूती उसकी विरासत, संस्कृति और सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यक है।

उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए इसे लंबे समय तक चले संकल्प और सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए समाज का संगठित रहना जरूरी है।

अपने संबोधन में उन्होंने काशी विश्वनाथ और कृष्ण जन्मभूमि जैसे धार्मिक स्थलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता समाज को अपनी परंपराओं से जोड़े रखने में मदद करती है।

CM Yogi Vijayadashami 2026: जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर विभाजन के खिलाफ संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर बांटने वाली प्रवृत्तियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज की एकता को कमजोर करने का प्रयास करते हैं, वे राष्ट्रहित के विरुद्ध काम करते हैं।

उन्होंने रावण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि विजयादशमी का संदेश केवल प्रतीकात्मक रूप से रावण के दस सिर जलाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। इस पर्व पर अन्याय, अत्याचार, अधर्म, भ्रष्टाचार, दुराचार, दुष्प्रचार और सामाजिक विभाजन जैसी बुराइयों के खिलाफ भी संकल्प लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने रामलीलाओं को सामाजिक समरसता का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि गांवों और कस्बों में स्थानीय लोग राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता, हनुमान, सुग्रीव, अंगद, शबरी और निषादराज जैसे पात्रों की भूमिका निभाते हैं। इस प्रक्रिया में समाज के अलग-अलग वर्ग एक साथ आते हैं और सामूहिक रूप से परंपरा का निर्वहन करते हैं।

उन्होंने कहा कि रामलीला में किसी पात्र की जाति से अधिक उसके चरित्र, संवाद और योगदान को महत्व दिया जाता है। उनके अनुसार, यही परंपरा समाज को एकजुट करने और समानता का संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

CM Yogi Vijayadashami 2026

 

 

CM Yogi Vijayadashami 2026: दुष्प्रचार और भ्रम से सावधान रहने की अपील

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दुष्प्रचार और भ्रम फैलाने वाली प्रवृत्तियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े विषयों पर लोगों को सही और गलत के बीच अंतर पहचानने की सलाह दी।

हनुमान जी और कालनेमि के प्रसंग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि केवल धार्मिक शब्दों का इस्तेमाल करना किसी व्यक्ति की मंशा को सही साबित नहीं करता। किसी के आचरण, उद्देश्य और कार्यों को भी देखना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और दीपोत्सव जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए इन्हें सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा बताया। उन्होंने समाज से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक प्रचार के आधार पर आपसी सद्भाव को कमजोर न होने दें।

उन्होंने हनुमान जी के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा, “राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ विश्राम।” इस प्रसंग के जरिए उन्होंने समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का संदेश दिया।

CM Yogi Vijayadashami 2026:  नशामुक्त समाज बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नशे को युवा पीढ़ी और समाज के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई करना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार और समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही समाज को भी अपने आसपास नशे के प्रसार को रोकने के लिए जागरूक रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने, परिवारों में जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक स्तर पर जिम्मेदारी निभाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने विजयादशमी को बुराइयों के खिलाफ संकल्प लेने का अवसर बताते हुए कहा कि समाज को उन गतिविधियों का विरोध करना चाहिए, जो युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाती हैं।

उन्होंने दुष्प्रचार, नशे और सामाजिक विभाजन के खिलाफ युवाओं, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

CM Yogi Vijayadashami 2026: परिवार और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने की सलाह

मुख्यमंत्री ने आधुनिक जीवनशैली में परिवार के साथ समय बिताने और बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई बार एक ही घर में रहने वाले परिवार के सदस्य अपने-अपने मोबाइल और सोशल मीडिया में व्यस्त रहते हैं, जिससे आपसी संवाद कम हो जाता है।

उन्होंने परिवार के साथ समय बिताने, धार्मिक ग्रंथों और महापुरुषों की जीवनियों को पढ़ने तथा देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को जानने की सलाह दी।

मुख्यमंत्री ने कैलाश मानसरोवर, बदरीनाथ, केदारनाथ, जगन्नाथपुरी, द्वारकापुरी, कन्याकुमारी, रामेश्वरम और धनुषकोटि जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन स्थानों की यात्रा से लोगों को भारत की परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को समझने का अवसर मिलता है।

उनके अनुसार, बच्चों को भी देश की सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराना चाहिए, ताकि वे अपनी विरासत को समझ सकें और उसका सम्मान करना सीखें।

CM Yogi Vijayadashami 2026: जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख, रामराज्य की अवधारणा पर जोर

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन का उद्देश्य जरूरतमंदों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना और समाज के कमजोर वर्गों को सहायता उपलब्ध कराना है।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस कनेक्शन और प्रधानमंत्री मुफ्त अन्न योजना का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में 67 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। गरीब परिवारों की बेटियों की शिक्षा और विवाह के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटियों के विवाह के लिए एक लाख रुपये तक के अनुदान का भी उन्होंने उल्लेख किया। इसके साथ ही रोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के प्रयासों की बात कही।

उन्होंने डिजिटल इंडिया और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे खातों में पहुंचाने से पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिली है।

महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रदेश की जनता से राष्ट्रहित, सामाजिक एकता और जनकल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

CM Yogi Vijayadashami 2026:  विजयादशमी का संदेश: परंपरा, सद्भाव और जिम्मेदारी

गोरखपुर में आयोजित विजयादशमी कार्यक्रम में धार्मिक परंपराओं, लोक संस्कृति और सामाजिक सहभागिता की कई झलकियां देखने को मिलीं। गोरखनाथ मंदिर से निकली शोभायात्रा, मानसरोवर मंदिर में पूजा, रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम का राजतिलक और विभिन्न समुदायों द्वारा स्वागत इस आयोजन के प्रमुख हिस्से रहे।

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन में सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता, नशामुक्ति, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं पर जोर दिया गया।

विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज से अन्याय, भ्रष्टाचार, नशे और विभाजनकारी प्रवृत्तियों के खिलाफ संकल्प लेने की अपील की। गोरखपुर का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व को सामने लाने वाला रहा।

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