UP Farmer Scholarship Scheme: किसानों के बच्चों को अब सालाना मिलेंगे ₹60,000, छात्रवृत्ति की सीटें दोगुनी
लखनऊ, 20 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों को उच्च कृषि शिक्षा के लिए अब अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना ( UP Farmer Scholarship Scheme ) के तहत छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटों की संख्या दोगुनी कर दी है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि भी बढ़ा दी गई है। अब पात्र विद्यार्थियों को सालाना ₹36,000 के बजाय ₹60,000 मिलेंगे।
UP Farmer Scholarship Scheme: 1,410 से बढ़कर 2,820 हुईं छात्रवृत्ति की सीटें
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत अब अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सकेगा। पहले योजना में कुल 1,410 छात्रवृत्ति सीटें निर्धारित थीं, जिन्हें बढ़ाकर 2,820 कर दिया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय और कृषि संस्थान में छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 45 से बढ़ाकर 90 कर दी गई है। वहीं, प्रत्येक कृषि महाविद्यालय में 15 के स्थान पर 30 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी।
यह योजना प्रदेश के 11 कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि संस्थानों और 61 कृषि महाविद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए संचालित है। सीटों में बढ़ोतरी से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
UP Farmer Scholarship Scheme: हर महीने ₹5,000, सालाना ₹60,000 की सहायता
योजना के तहत छात्रवृत्ति की मासिक राशि ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 कर दी गई है। इसके परिणामस्वरूप चयनित विद्यार्थियों को अब सालाना ₹60,000 मिलेंगे, जबकि पहले उन्हें ₹36,000 दिए जाते थे।
इस बदलाव से प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को सालाना ₹24,000 की अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। इससे पात्र विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
UP Farmer Scholarship Scheme: कृषि के साथ इन विषयों के विद्यार्थियों को भी लाभ
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में कृषि के अलावा कई संबंधित विषयों की पढ़ाई करने वाले पात्र विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया है।
संशोधित व्यवस्था के तहत छात्रवृत्ति सीटों में इस प्रकार बढ़ोतरी की गई है:
– कृषि विश्वविद्यालयों और संस्थानों में कृषि स्नातक: 25 से बढ़ाकर 50 सीटें।
– गृह विज्ञान स्नातक: 6 से बढ़ाकर 12 सीटें।
– कृषि स्नातकोत्तर: 10 से बढ़ाकर 20 सीटें।
– गृह विज्ञान स्नातकोत्तर: 4 से बढ़ाकर 8 सीटें।
– कृषि महाविद्यालयों में स्नातक स्तर: 10 से बढ़ाकर 20 सीटें।
– कृषि महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर: 5 से बढ़ाकर 10 सीटें।
कृषि के अलावा उद्यान, वानिकी, पशुपालन और संबंधित विषयों में पढ़ाई करने वाले पात्र विद्यार्थी भी योजना के दायरे में आते हैं।
UP Farmer Scholarship Scheme: कौन कर सकता है आवेदन? जानें पात्रता
यह योजना उत्तर प्रदेश के निवासी किसानों और खेतिहर मजदूरों के पुत्र-पुत्रियों के साथ उन पर पूरी तरह आश्रित पात्र विद्यार्थियों के लिए है। छात्रवृत्ति का चयन निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और मेरिट के आधार पर किया जाता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए इंटरमीडिएट में न्यूनतम अंकों की शर्त निर्धारित है:
– उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board): इंटरमीडिएट में कम से कम 70 प्रतिशत अंक।
– अन्य बोर्ड: इंटरमीडिएट में कम से कम 85 प्रतिशत अंक।
– स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम: स्नातक स्तर पर कम से कम 70 प्रतिशत अंक।
विद्यार्थियों को आवेदन से पहले संबंधित कृषि विश्वविद्यालय या महाविद्यालय तथा मंडी परिषद से मौजूदा पात्रता शर्तों, आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
UP Farmer Scholarship Scheme: अब तक 6,454 विद्यार्थियों को मिली ₹22.90 करोड़ की छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक कुल 6,454 विद्यार्थियों को लगभग ₹22.90 करोड़ की छात्रवृत्ति दी गई है।
सीटों की संख्या और सहायता राशि बढ़ाए जाने से अब अधिक मेधावी विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने का अवसर मिलेगा। खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद मिल सकती है।
मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र से जुड़े परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च कृषि शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। बढ़ी हुई छात्रवृत्ति से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने और कृषि, उद्यान, वानिकी तथा पशुपालन जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने में सहायता मिल सकती है।
