Delhi CJP Tiranga March: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा (Delhi CJP Tiranga March) से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर 2026 को आम जनता के लिए बंद रखने का नोटिस जारी किया है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने लोगों से प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कनॉट प्लेस नहीं पहुंचने की अपील की है। पुलिस ने इलाके में लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे समर्थकों से तिरंगा लेकर सेंट्रल पार्क पहुंचने की अपील की थी। उनका कहना है कि इस कार्यक्रम के जरिए मतदान के अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे को उठाया जाएगा। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि कनॉट प्लेस निर्धारित प्रदर्शन स्थल नहीं है और वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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Delhi CJP Tiranga March : 16 और 17 अक्टूबर को Central Park आम लोगों की एंट्री बंद
NDMC ने 15 अक्टूबर को जारी नोटिस में बताया कि कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क प्रशासनिक कारणों से 16 और 17 अक्टूबर को आम जनता के लिए बंद रहेगा। यह फैसला CJP की ओर से घोषित तिरंगा यात्रा से ठीक पहले आया है।
सेंट्रल पार्क कनॉट प्लेस के बीचोंबीच स्थित है और यहां बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। ऐसे में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए अहम मुद्दा बन गया है।
पार्क बंद करने के नोटिस में प्रशासनिक कारणों का उल्लेख किया गया, लेकिन इससे आगे विस्तृत वजह नहीं बताई गई। हालांकि, यह फैसला तिरंगा यात्रा की घोषणा और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के बीच लिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने भी कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ाई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे प्रस्तावित प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने से बचें और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
Abhijeet Dipke Tiranga March: दिपके ने लोगों से क्या अपील की?
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि लोगों को वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर मतदान के अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा जैसे मुद्दों पर एकजुट होना चाहिए।
दिपके ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह आरोप भी लगाया कि उनके ठहरने की जगह के आसपास सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात हैं और उनकी निगरानी की जा रही है। उन्होंने एक सफेद स्कॉर्पियो के लगातार पीछे आने का दावा भी किया। ये दिपके की ओर से लगाए गए आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से पुष्ट तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
दिपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने समर्थकों से तिरंगा लेकर कार्यक्रम में आने का आह्वान किया और कहा कि वह इस अभियान से पीछे नहीं हटेंगे।
CJP की इस मुहिम का संबंध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों से भी बताया गया है। संगठन इन विषयों को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर उठा रहा है।
CJP Tiranga March Delhi: दिल्ली पुलिस की चेतावनी, छोटे समूह को मिल सकता है विकल्प
दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए लोगों को प्रस्तावित मार्च में शामिल होने के लिए वहां नहीं आने की सलाह दी है। पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस निर्धारित प्रदर्शन स्थल नहीं है और किसी भी कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है।
पुलिस ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने के लिए एक छोटे समूह को किसी उपयुक्त स्थान पर सुविधा दी जा सकती है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने ऐसे प्रतीकात्मक कार्यक्रम के लिए 11 लोगों के समूह को सुविधा देने की बात कही थी। इसका अर्थ यह नहीं है कि पूरे प्रस्तावित मार्च को सेंट्रल पार्क में आयोजित करने की अनुमति मिल गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन और राष्ट्रगान का गायन निर्धारित नियमों के अनुसार, उचित सम्मान और मर्यादा के साथ होना चाहिए। निषेधाज्ञा या अन्य लागू निर्देशों का उल्लंघन करने पर कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।
CJP Tiranga March Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने मार्च रोकने से किया इनकार
CJP की प्रस्तावित यात्रा को लेकर मामला दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंचा। अदालत ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित कार्यक्रम पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत को आश्वासन दिया गया कि प्रदर्शन की गतिविधियों को नियंत्रित करने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून के अनुसार जरूरी कदम उठाए जाएंगे। अदालत ने पुलिस के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया।
हालांकि, अदालत का मार्च पर रोक लगाने से इनकार करना अपने आप में पार्क के भीतर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं था। आयोजन की जगह, लागू निषेधाज्ञा और प्रशासनिक निर्देशों का पालन अलग-अलग मुद्दे हैं।
यह मामला उस समय सामने आया है, जब दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों और विरोध प्रदर्शनों की अनुमति को लेकर भी विवाद चल रहा है। ऐसे मामलों में अदालत, पुलिस और प्रशासन की भूमिकाएं अलग-अलग होती हैं। किसी आदेश का वास्तविक अर्थ समझने के लिए उसका पूरा संदर्भ देखना जरूरी है।
CJP Tiranga March Delhi: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और CJP नेताओं की हिरासत का मामला
CJP की तिरंगा यात्रा की घोषणा से पहले भी दिल्ली में संगठन और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी। इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल के दर्जे और वहां कार्यक्रम करने को लेकर विवाद हुआ।
रिपोर्टों के मुताबिक, 10 अक्टूबर को प्रदर्शन की योजना के दौरान अभिजीत दिपके और संगठन से जुड़े कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया था। बाद में CJP के नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध दर्ज कराने की कोशिश की।
13 अक्टूबर को संगठन के सदस्यों ने तिरंगा लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। इसके बाद CJP के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की खबर सामने आई।
CJP का कहना है कि उसकी गतिविधियां मतदान के अधिकार और लोकतंत्र से जुड़े सवालों को उठाने के लिए हैं। दूसरी ओर, पुलिस सार्वजनिक व्यवस्था और निर्धारित नियमों के पालन पर जोर दे रही है।
CJP Tiranga March Delhi: ट्रैफिक एडवाइजरी: किन सड़कों पर असर पड़ सकता है?
तिरंगा यात्रा के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी एडवाइजरी जारी की है। 16 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे के बाद नई दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। जरूरत पड़ने पर यातायात के रास्तों में बदलाव किया जा सकता है।
प्रभावित होने की आशंका वाले मार्गों में संसद मार्ग, बाबा खड़क सिंह मार्ग, शहीद भगत सिंह मार्ग, पंचकुइयां रोड, बसंत लेन, चेल्म्सफोर्ड रोड, मिंटो रोड, बाराखंभा रोड, कस्तूरबा गांधी मार्ग और जनपथ शामिल हैं।
इसके अलावा रेल भवन के आसपास के मार्ग, रफी मार्ग, सी-हेक्सागन, पटेल चौक, मंडी हाउस, विंडसर प्लेस, गोल डाकखाना और अशोक रोड पर भी यातायात का दबाव बढ़ सकता है। अशोक रोड पर GPO से सी-हेक्सागन तक और तिलक मार्ग, टॉलस्टॉय मार्ग तथा सिकंदरा रोड पर भी परेशानी होने की आशंका है।
इन मार्गों से गुजरने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने, ताजा ट्रैफिक अपडेट देखने और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
CJP Tiranga March Delhi: आगे क्या होगा?
CJP की ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा को लेकर दिल्ली में प्रशासनिक तैयारियां, पुलिस की चेतावनी और अदालत की सुनवाई एक साथ चर्चा में हैं। NDMC ने सेंट्रल पार्क को दो दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया है, जबकि पुलिस ने इलाके में निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए लोगों से वहां नहीं आने की अपील की है।
दिपके और उनके समर्थक इस अभियान को मतदान के अधिकार और लोकतंत्र से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं। वहीं, प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सार्वजनिक स्थानों पर गतिविधियों को नियमों के तहत नियंत्रित करना है।
दिल्ली में CJP की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा से पहले कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखा गया है। दिल्ली पुलिस ने लोगों को कार्यक्रम स्थल से दूर रहने की सलाह दी है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मार्च पर रोक लगाने से इनकार जरूर किया, लेकिन इसे सेंट्रल पार्क में आयोजन की स्वतः अनुमति नहीं माना जा सकता। इस पूरे मामले में प्रशासनिक आदेश, पुलिस की शर्तें और अदालत में दर्ज आश्वासन महत्वपूर्ण हैं।
