Shardiya Navratri 2026 Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन करें मां कूष्मांडा की पूजा, जानें विधि, भोग, मंत्र और आरती

Shardiya Navratri 2026 Day 4: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है। वर्ष 2026 में नवरात्रि का चौथा दिन 14 अक्टूबर, बुधवार को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचनाकार और अपने दिव्य तेज से संसार को प्रकाश देने वाली देवी माना जाता है। भक्त इस दिन मां की पूजा करके सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में सकारात्मकता की कामना करते हैं।

मां कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। मान्यता है कि जब चारों ओर अंधकार था और सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब देवी ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसी कारण उन्हें आदिशक्ति और सृष्टि के सृजन से जुड़ी देवी के रूप में पूजा जाता है। आइए जानते हैं नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा विधि, प्रिय भोग, शुभ रंग, मंत्र और आरती से जुड़ी जानकारी।

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Shardiya Navratri 2026 Day 4: मां कूष्मांडा का स्वरूप और धार्मिक महत्व

मां कूष्मांडा को मां दुर्गा का चौथा स्वरूप माना जाता है। धार्मिक चित्रण में उन्हें आठ भुजाओं वाली देवी के रूप में दर्शाया जाता है। उनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल पुष्प, अमृत से भरा कलश, चक्र, गदा और जपमाला होती है। उनका वाहन सिंह है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा का स्वरूप तेज और प्रकाश का प्रतीक है। उनकी उपासना को ऊर्जा, साहस, आरोग्य और समृद्धि की कामना से जोड़ा जाता है। भक्त नवरात्रि के चौथे दिन मां की पूजा करके अपने परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।

Shardiya Navratri 2026 Day 4: मां कूष्मांडा की पूजा विधि

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा करने के लिए सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल को साफ करें और मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं।

पूजा के दौरान इन बातों का ध्यान रख सकते हैं:

1. सबसे पहले मां कूष्मांडा का ध्यान करके पूजा का संकल्प लें।
2. मां को जल, अक्षत, रोली, चंदन और पुष्प अर्पित करें।
3. धूप और दीप जलाकर मां की आराधना करें।
4. फल, मिठाई और मां को प्रिय माने जाने वाले भोग अर्पित करें।
5. मां कूष्मांडा के मंत्र का जाप करें।
6. पूजा के अंत में मां की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।

धार्मिक परंपराओं में पूजा की विधि अलग-अलग हो सकती है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और आस्था के अनुसार पूजा कर सकते हैं।

Shardiya Navratri 2026 Day 4: मां कूष्मांडा को किस चीज का भोग लगाएं?

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग लगाने की मान्यता है। इसके अलावा पेठा, कद्दू से बनी मिठाई, दही और अन्य मिठाइयां भी अर्पित की जाती हैं। कुछ परंपराओं में हलवा, फल और नारियल का भोग लगाने का भी विधान है।

भक्त अपनी सुविधा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार भोग तैयार कर सकते हैं। पूजा के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों और अन्य श्रद्धालुओं में बांटा जा सकता है।

Shardiya Navratri 2026 Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन का शुभ रंग और प्रिय फूल

नवरात्रि के चौथे दिन के रंग को लेकर अलग-अलग सूचियों और परंपराओं में अंतर मिल सकता है। कुछ धार्मिक सूचियों में हरे रंग का उल्लेख मिलता है, जबकि 2026 की कुछ अन्य सूचियों में रॉयल ब्लू रंग बताया गया है। इसलिए रंग का चयन अपनी पारिवारिक परंपरा या जिस पंचांग का पालन करते हैं, उसके अनुसार किया जा सकता है।

मां कूष्मांडा की पूजा में लाल कमल, लाल गुड़हल और लाल गुलाब जैसे फूल अर्पित करने की मान्यता भी प्रचलित है। पूजा में ताजे फूलों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Shardiya Navratri 2026 Day 4: मां कूष्मांडा के मंत्र

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना करते समय उनके मंत्र का जाप किया जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा और पूजा की परंपरा के अनुसार मंत्र का जाप कर सकते हैं।

**मां कूष्मांडा का मंत्र:**

ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥

**बीज मंत्र:**

ऐं ह्रीं क्लीं कूष्माण्डायै नमः॥

**स्तुति मंत्र:**

या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंत्र जाप मन को एकाग्र करने और पूजा में ध्यान लगाने का माध्यम है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार मंत्र का जाप कर सकते हैं।

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Shardiya Navratri 2026 Day 4: मां कूष्मांडा की आरती

मां कूष्मांडा की पूजा के अंत में श्रद्धालु देवी की आरती करते हैं। आरती के दौरान मां का स्मरण करके परिवार की सुख-शांति और कल्याण की प्रार्थना की जाती है। भक्त अपनी प्रचलित पूजा-पुस्तिका या पारिवारिक परंपरा के अनुसार मां कूष्मांडा की आरती कर सकते हैं।

Shardiya Navratri 2026 Day 4: मां कूष्मांडा की पूजा से जुड़ी मान्यताएं

धार्मिक विश्वास के अनुसार, मां कूष्मांडा की आराधना से जीवन में सकारात्मकता, ऊर्जा और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। उन्हें सृष्टि की रचना और प्रकाश से जोड़कर देखा जाता है। भक्त इस दिन पूजा-पाठ, मंत्र जाप और भोग अर्पित करके देवी का आशीर्वाद मांगते हैं।

नवरात्रि के चार दिन पूरे होने के साथ ही पूजा का क्रम आगे बढ़ता है और पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना की जाती है। इस तरह नौ दिनों तक देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।

ध्यान दें: पूजा के शुभ मुहूर्त स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। सटीक समय के लिए अपने शहर के पंचांग या स्थानीय मंदिर की सूचना देखना उचित रहेगा।

 

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