Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में इस साल होने वाला 10वां दीपोत्सव भव्यता के लिहाज से खास होने जा रहा है। योगी सरकार की ओर से आयोजित किए जाने वाले इस दीपोत्सव में रामनगरी को लाखों दीयों की रोशनी से सजाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार राम की पैड़ी समेत करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में 33 लाख मिट्टी के दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 55 हजार लीटर तेल और 65 लाख बातियों की व्यवस्था की जा रही है।
पांच से सात नवंबर तक होने वाले इस आयोजन को लेकर अयोध्या प्रशासन और श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद की तैयारियां तेज हो गई हैं। दीपों की सजावट के साथ-साथ घाटों, मंदिरों और प्रमुख स्थानों को आकर्षक रोशनी से सजाने की योजना है। राम की पैड़ी पर विशेष मंच तैयार किया जाएगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
इस बार दीपोत्सव को सिर्फ दीप जलाने तक सीमित नहीं रखा गया है। धार्मिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मंदिरों की सजावट और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Ayodhya Deepotsav 2026: : राम की पैड़ी से सरयू घाट तक दिखेगा रोशनी का भव्य नजारा
दीपोत्सव के दौरान राम की पैड़ी इस आयोजन का प्रमुख केंद्र होगी। यहां बड़ी संख्या में दीये सजाए जाएंगे। इसके अलावा सरयू नदी के अलग-अलग घाटों पर भी दीप सज्जा और रोशनी की व्यवस्था की जाएगी।
प्रमुख मंदिरों को LED लाइटों से सजाने की तैयारी है। सरयू तट से अलग-अलग घाटों तक विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इससे शाम होते ही पूरी रामनगरी रोशनी से जगमगाती नजर आएगी।
आयोजन की तैयारियों के लिए पांच टेंडर जारी किए गए हैं। इनमें दीपोत्सव में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, मंच निर्माण, सजावट और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं शामिल हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित सामग्री की आपूर्ति शुरू की जाएगी।
अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार के अनुसार, वालंटियरों की ट्रेनिंग और छात्रों के भोजन की व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं।
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Ayodhya Deepotsav 2026: : 34 हजार वालंटियर संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी
10वें दीपोत्सव की सबसे बड़ी तैयारियों में बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों की भागीदारी भी शामिल है। इस बार करीब 34 हजार वालंटियर आयोजन से जुड़ेंगे।
ये वालंटियर दीयों की सजावट और दीप प्रज्वलन की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इतने बड़े स्तर पर दीयों को निर्धारित स्थानों पर सजाने और फिर एक साथ जलाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित लोगों की जरूरत होगी।
वालंटियरों के लिए टी-शर्ट, भोजन और दूसरी आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। इससे आयोजन के दौरान काम करने वाले छात्रों और स्वयंसेवकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है।
Ayodhya Deepotsav 2026: : हर साल टूटता रहा है दीपोत्सव का रिकॉर्ड
अयोध्या का दीपोत्सव वर्ष 2017 में शुरू हुआ था। इसके बाद हर साल इस आयोजन का आकार बढ़ता गया और बड़ी संख्या में दीये जलाकर नए रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की गई।
शुरुआत वर्ष 2017 में करीब 1.71 लाख दीयों से हुई थी। इसके बाद 2018 में 3.01 लाख, 2019 में 4.04 लाख, 2020 में 6.06 लाख, 2021 में 9.41 लाख और 2022 में 15.76 लाख दीये जलाए गए।
वर्ष 2023 में यह संख्या बढ़कर करीब 22.23 लाख पहुंच गई। 2024 में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद आयोजित दीपोत्सव में 25,12,585 दीये जलाए गए थे। 2025 में यह संख्या बढ़कर 26,17,215 दीये हो गई।
अब 2026 के 10वें दीपोत्सव में 33 लाख दीयों का लक्ष्य रखा गया है। यदि लक्ष्य के अनुसार दीप प्रज्वलन होता है तो यह पिछले वर्ष के आंकड़े से काफी अधिक होगा।
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Ayodhya Deepotsav 2026: : दीपों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे खास
अयोध्या का दीपोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी जाना जाता है। इस बार भी राम की पैड़ी पर विशेष मंच तैयार किया जाएगा। यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रमुख मंदिरों की LED सजावट, घाटों की रोशनी और फूलों की सजावट आयोजन की खूबसूरती बढ़ाएगी। सरयू तट के आसपास भी विशेष लाइटिंग की योजना बनाई जा रही है।
प्रशासन की कोशिश है कि अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को दीपोत्सव के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों तरह का अनुभव मिले। यही वजह है कि आयोजन के लिए सिर्फ दीपों की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि पूरे शहर की सजावट पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
Ayodhya Deepotsav 2026: : श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर भी फोकस
अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, यातायात, सुरक्षा, सफाई और मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन तैयारियां कर रहा है।
प्रशासन की ओर से पेयजल, शौचालय, चिकित्सा, प्रकाश और विश्राम जैसी सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरियर, CCTV और ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करने की योजना है।
इसके अलावा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास भी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाएं बेहतर करने की तैयारी है। पार्किंग स्थलों की पहचान और यातायात नियंत्रण पर भी काम किया जा रहा है।
Ayodhya Deepotsav 2026: : अयोध्या में दीपोत्सव बना नई पहचान
योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2017 से शुरू हुआ दीपोत्सव अब अयोध्या की प्रमुख पहचान बन चुका है। शुरुआत में सीमित संख्या में दीये जलाने से शुरू हुआ यह आयोजन हर साल बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।
2024 में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद हुए दीपोत्सव ने इसे और खास बना दिया था। इसके बाद अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दीपोत्सव एक बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के रूप में स्थापित हुआ है।
इस बार 10वें दीपोत्सव में 33 लाख दीयों का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 55 हजार लीटर तेल, 65 लाख बातियां और हजारों वालंटियरों की व्यवस्था की जा रही है।
Ayodhya Deepotsav 2026: : पांच से सात नवंबर तक चलेगा मुख्य आयोजन
इस साल दीपोत्सव से जुड़े प्रमुख कार्यक्रम 5 से 7 नवंबर के बीच आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 8 नवंबर को दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। अयोध्या प्रशासन ने धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
रामनगरी में दीपों की कतारें, जगमगाते मंदिर, सजे हुए घाट और सरयू तट की रोशनी इस बार भी दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण रहने वाली है। 33 लाख दीयों का लक्ष्य पूरा होने पर अयोध्या एक बार फिर बड़े पैमाने पर दीप प्रज्वलन के लिए चर्चा में रहेगी।
