Indian hockey team’s welcome: एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जीता स्वर्ण पदक, अमृतसर हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का हुआ भव्य स्वागत।
हॉकी दिग्गजों का युवाओं को संदेश: खेल से जुड़ें और अनुशासन में रहकर देश का नाम रोशन करें।
Indian hockey team’s welcome: एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर देश को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाया है। इस बड़ी जीत के बाद जब टीम के खिलाड़ी अमृतसर हवाई अड्डे पर पहुंचे, तो वहां उनका जोरदार और आत्मीय स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों, फूलों की मालाओं और गुलदस्तों के साथ स्थानीय नागरिकों, खेल प्रेमियों, पंजाब हॉकी एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ पूर्व हॉकी खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक विजेताओं का अभिनंदन किया। हवाई अड्डे पर प्रशंसकों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
खिलाड़ियों ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि टूर्नामेंट में उनका एकमात्र मुख्य लक्ष्य सिर्फ स्वर्ण पदक हासिल करना था, ताकि वे सीधे तौर पर ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर सकें। फाइनल मुकाबले में टीम ने शानदार रणनीति और एकजुटता के साथ मलेशिया को 5-1 के बड़े अंतर से मात दी। खिलाड़ियों ने साझा किया कि मैच के पहले हाफ में मुकाबला कड़ा था और स्कोर 2-1 चल रहा था, लेकिन दूसरे हाफ में टीम ने अपनी बढ़त मजबूत करते हुए लगातार तीन और गोल दागकर जीत सुनिश्चित की।

टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने स्वर्ण पदक जीतने पर बेहद गर्व और खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी खिताब को जीतना और फिर उसे बरकरार रखना पूरी टीम के सामूहिक प्रयास और समर्पण का नतीजा होता है। हरमनप्रीत ने अपनी व्यक्तिगत खुशी साझा करते हुए कहा कि उनके परिवार और ईश्वर की कृपा हमेशा उनके साथ रही है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सीधे ओलंपिक का टिकट हासिल करना टीम के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि अब उन्हें अपनी कमियों को परखने और ओलंपिक की तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।
टीम के अन्य साथी खिलाड़ियों ने भी बातचीत में कहा कि पोडियम पर खड़े होकर राष्ट्रगान सुनना जीवन के सबसे भावुक और गर्व भरे क्षणों में से एक होता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आगामी टूर्नामेंट्स, जैसे एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और घरेलू प्रतियोगिताओं में भी वे अपनी इसी लय को बरकरार रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
खिलाड़ियों ने उल्लेख किया कि पंजाब का भारतीय हॉकी में हमेशा से एक अहम योगदान रहा है और इस टीम में भी पंजाब के कई खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस ऐतिहासिक जीत के मौके पर खिलाड़ियों ने देश के नौजवानों को खेलों से जुड़ने का खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा खुद को भटकाव से दूर रखें, किसी भी खेल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और अनुशासन तथा कड़े परिश्रम को अपना हथियार बनाएं। खिलाड़ियों के अनुसार, यदि युवा पूरे समर्पण से आगे बढ़ें तो सरकारें और खेल संस्थाएं भी उन्हें पूरा सहयोग देती हैं, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहरा सकते हैं। खिलाड़ियों ने अपने परिजनों और कोचों के निरंतर समर्थन के प्रति भी गहरा आभार व्यक्त किया।
