CEC Gyanesh Kumar: रामपुर में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पोस्टर पर पोती कालिख
बर्खास्तगी और कार्रवाई की मांग को लेकर निकाला विरोध मार्च
CEC Gyanesh Kumar: : रामपुर में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ युवा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व शहर अध्यक्ष नोमान खां के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के पोस्टर पर कालिख पोतकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारी बिलासपुर रोड स्थित जौहर अस्पताल के पास एकत्र हुए और वहां से नानकार तक मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ भी नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों के बीच चिंता है और इन मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
हालांकि, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर लगाए गए राजनीतिक आरोप कांग्रेस नेताओं का पक्ष हैं। इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। चुनाव आयोग भारत में चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए जिम्मेदार स्वायत्त संवैधानिक संस्था है और ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था।
CEC Gyanesh Kumar: : पोस्टर पर कालिख पोतकर जताया विरोध
रामपुर में हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पोस्टर पर कालिख पोती। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई के जरिए चुनाव आयोग को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों और विभिन्न समूहों की ओर से प्रदर्शन होते रहे हैं।
रामपुर में हुए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व शहर अध्यक्ष नोमान खां ने किया। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और लोगों का संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखने के लिए चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का समाधान जरूरी है।
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आरिफ अल्वी ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी दोहराई।
आरिफ अल्वी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने निष्पक्षता की सीमाएं पार कर दी हैं और जनता के मताधिकार के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाएं निष्पक्ष नहीं होंगी, तब तक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को लेकर सवाल उठते रहेंगे।
इन बयानों में लगाए गए आरोप कांग्रेस नेताओं के राजनीतिक दावे हैं। उपलब्ध रिपोर्ट में इन आरोपों को चुनाव आयोग द्वारा स्वीकार किए जाने की कोई पुष्टि नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर भी चुनाव आयोग के खिलाफ मतदाता सूची संशोधन को लेकर विपक्षी दलों के आरोप सामने आए हैं, जबकि चुनाव आयोग और सरकार ने किसी भी गलत काम के आरोपों से इनकार किया है।
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CEC Gyanesh Kumar: : देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की भी उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के साथ उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। युवा कांग्रेस नेताओं ने अपने भाषणों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है।
युवा कांग्रेस की ओर से इस तरह की मांग पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर उठाई जा चुकी है। 28 सितंबर को भारतीय युवा कांग्रेस ने दिल्ली में प्रदर्शन करते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी की मांग की थी।
रामपुर में प्रदर्शनकारियों ने भी इसी मांग को दोहराते हुए कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
CEC Gyanesh Kumar: : आरिफ अल्वी बोले- लोकतंत्र की रक्षा के लिए जारी रहेगा संघर्ष
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आरिफ अल्वी ने कहा कि देश का लोकतंत्र और संविधान दोनों महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
आरिफ अल्वी ने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर जनता का भरोसा कायम रहना जरूरी है। उनके मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की आशंका या सवाल को दूर करने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। हालांकि, यह कांग्रेस नेताओं द्वारा दी गई राजनीतिक चेतावनी है और इसके आगे की कार्रवाई की स्थिति अलग से सामने आ सकती है।
CEC Gyanesh Kumar: : प्रदर्शन में कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
रामपुर में आयोजित इस विरोध मार्च में युवा कांग्रेस और कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अल्तमश अली खां, कांग्रेस जिला प्रवक्ता ताहिर अंजुम, युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव मणि कपूर, युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष यासिर खां और पूर्व जिला उपाध्यक्ष मुसर्रत अली खां मौजूद रहे।
इसके अलावा जिला महासचिव अजीमुद्दीन, विधानसभा अध्यक्ष मोहम्मद फाजिल, मोमिन खां, रूमान खां, कामिल अहमद, लुकमानुद्दीन, जुबैर अली, मोहम्मद तालिब, जमाल खां, शाहवेज अली, अखलाकउद्दीन, साकिब हसन, अरसलन खां, उबेदुद्दीन, बिलाल अल्वी, शाहनवाज, जीशान रजा खां और उस्मान अल्वी समेत अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा उठाते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा।
CEC Gyanesh Kumar: : देशभर में भी चुनाव आयोग को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
ज्ञानेश कुमार को लेकर यह विवाद केवल रामपुर तक सीमित नहीं है। हाल के दिनों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से बड़ी संख्या में लोगों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और सरकार इन आरोपों से इनकार करते हैं और मतदाता सूची में संशोधन को पात्र मतदाताओं को शामिल रखने तथा अपात्र या दोहराव वाली प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया बताते हैं।
4 अक्टूबर को दिल्ली और मुंबई समेत कई जगहों पर भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों में विपक्षी नेताओं और विभिन्न संगठनों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची संशोधन को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
रामपुर का प्रदर्शन इसी व्यापक राजनीतिक विवाद की स्थानीय कड़ी के रूप में सामने आया है। यहां युवा कांग्रेस नेताओं ने अपने विरोध को मार्च, नारेबाजी और पोस्टर पर कालिख पोतने के जरिए दर्ज कराया। साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है। वहीं, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और मांगों पर संबंधित संवैधानिक संस्थाओं की ओर से आने वाली प्रतिक्रियाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी।

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