Ellenabad Politics: देवीलाल परिवार के गढ़ में BJP की बढ़ी सक्रियता, INLD भी मैदान में
ऐलनाबाद की सियासत में बदलाव के संकेत, भाजपा ने भारत-भूषण जुयाल को बनाया प्रभारी
Ellenabad politics डॉ एम पी भार्गव (विशेष संवाददाता, हरियाणा): राजस्थान की सीमा से स्टे हरियाणा राज्य के जिला मुख्यालय सिरसा के बड़े उपमंडल तथा विधानसभा क्षेत्र ऐलनाबाद में ज्यों ज्यों बदलाव आ रहा है, त्यों त्यों विकास कार्यों में इजाफा दिखाई देने लगा है। हरियाणा के अस्तित्व में आने से लेकर वर्तमान समय तक के राजनीतिक इतिहास में इस विधानसभा क्षेत्र से ताऊ स्व देवीलाल परिवार का ही दबदबा माना जाता है। इस क्षेत्र से पहले विधायक ताऊ देवीलाल के बेटे प्रताप सिंह चौटाला रहे हैं, जबकि वर्तमान में कांग्रेस के भरतसिंह बैनीवाल निर्वाचित हुए हैं। इसी बीच लालचंद खोड , ओमप्रकाश चौटाला, बृजलाल, भागीराम, सुशील इंदोरा, मनीराम केहरवाला,अभय चौटाला ने इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। भागीराम पांच बार तथा अभय चौटाला चार बार विधायक इस क्षेत्र से विधायक बने हैं। 1968-1972-1991-2024 को छोड़कर सभी विधानसभा चुनाव ताऊ परिवार के पक्ष में रहे हैं। वर्ष 2008 में इस विधानसभा क्षेत्र को आरक्षित से सामान्य कर दिया गया था। इस क्षेत्र से कभी भाजपा का विधायक नहीं बना, जबकि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार सुनीता दुग्गल को इस विधानसभा क्षेत्र से 35469 वोट की बढ़त हासिल हुई थी।
भाजपा ने इस विधानसभा क्षेत्र में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए अपने प्रयास तेज करते हुए भाजपा के अनुभवी दिग्गज भारत-भूषण जुयाल को प्रभारी बनाकर फील्ड में उतार दिया है। अगले वर्ष होने वाले निकाय चुनाव के लिए अभी से मैदान में उतरने की तैयारी भाजपा ने शुरू कर दी है। सांसद रहते हुए सुनीता दुग्गल ने अपनी विशेष पहचान तथा मजबूत प्रभाव बनाया है, जिसकी पुष्टि उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार गोबिंद कांडा को मिले भारी मतदान से होती है। इससे पूर्व भाजपा ने अमीर चंद मेहता पर दांव खेला, मगर वह सफल नहीं हो पाये।
हरियाणा में भाजपा की हैट्रिक से इस क्षेत्र में हुए विकास भाजपा के लिए संजीवनी बन सकते हैं। वर्तमान में ऐलनाबाद में उपमंडल कार्यालय, न्यायालय, रेलवे तथा बस सर्विस की कोई कमी नहीं है ओर निरंतर शहर एवं क्षेत्र में विकास कार्य चल रहे हैं । इस स्थिति के बावजूद भाजपा के लिए राजनीतिक सफर को बढ़ाना आसान नजर नहीं आ रहा, परंतु जुयाल का अनुभव और सुनीता का प्रभाव भाजपा के लिए लाभदायक साबित हो सकते हैं, ऐसा राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं लेकिन अभी भी बीजेपी को काफी मेहनत करने की जरूरत है , यदि बीजेपी की मेहनत में कमी रह गई तो ऐलनाबाद विधान सभा क्षेत्र हमेशा की तरह इस बार भी भाजपा विहीन रह सकता है , क्यों कि यहां आज भी चौधरी देवी लाल के नाम का जादू लोगों के दिलों में बसा हुआ है , अभी विधान सभा चुनावों में अढ़ाई साल का समय है , यदि अभी से भाजपा अपने प्रयास तेज कर दे तो लोगों का दिल जीता जा सकता है , क्यों कि वर्तमान में कांग्रेस यहां बिल्कुल निष्क्रिय देखी जा रही है , जिस का फायदा भाजपा उठा सकती है।
इनेलो भी अपने पूरे दम खम से पुनः अपना स्थान बनाने में पीछे नहीं है ,क्यों कि अभी हाल हीं में इनेलो की संपन्न हुई मेवात रैली को काफी सफलता मिली , उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि वर्तमान में इनेलो किसी से पीछे नहीं है ,बल्कि निरंतर अपनी मेहनत को आगे बढ़ा कर पार्टी को सफलता के कगार पर ले जाने का प्रयास कर रही है, जो काबिले तारीफ है ऐसी स्थिति देखते हुए सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है आने वाले विधान सभा चुनावों में इनेलो ओर भाजपा का कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है । इनेलो के इस प्रयास को देख कर आगामी एक दो दिनों में हरियाणा के सभी बीजेपी के विधायकों एवं मंत्रियों की एक जबरदस्त बैठक दिल्ली में प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संपन्न होने की संभावना है जिसमें केंद्र के सभी प्रभाव शाली नेताओं की उपस्थिति भी रहने की उम्मीद है ,। देखना है कि बीजेपी एवं इनेलो का ऊंट की करवट क्या रहेगी ?
