Congress-SP Alliance Dispute: INDIA Bloc की बैठक से अखिलेश यादव की दूरी, यूपी में सीट शेयरिंग को लेकर बढ़ी चर्चा

Congress-SP Alliance Dispute: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर एक बार फिर सीट बंटवारे की चर्चा तेज हो गई है। 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में होने वाली INDIA Bloc की बैठक में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल नहीं हुए। उनकी जगह पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता को प्रतिनिधित्व के लिए भेजे जाने की बात सामने आई। अखिलेश यादव ने बैठक में शामिल न होने की वजह पहले से तय कार्यक्रम और राज्यसभा चुनाव से जुड़े काम बताए हैं। हालांकि, उनकी गैरमौजूदगी ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच उत्तर प्रदेश में गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन दोनों दलों की ओर से सीटों की संख्या को लेकर अलग-अलग संकेत सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की बात कह रही है। दूसरी ओर, सपा की ओर से बड़ी संख्या में विधानसभा क्षेत्रों में अपनी तैयारी की चर्चा सामने आई है। इन बयानों के बाद गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक चर्चा बढ़ गई है।

Congress-SP Alliance Dispute: अखिलेश यादव ने बैठक से दूरी की क्या वजह बताई?

30 सितंबर को होने वाली INDIA Bloc की बैठक से पहले अखिलेश यादव के शामिल न होने की खबर सामने आई थी। समाजवादी पार्टी की ओर से कहा गया कि अखिलेश यादव के पहले से निर्धारित कार्यक्रम हैं और वह उस दिन दूसरे राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से इस संबंध में बात किए जाने की जानकारी भी दी थी। सपा की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि पार्टी गठबंधन से अलग नहीं हो रही है और बैठक में उसका प्रतिनिधित्व रहेगा।

कांग्रेस की ओर से भी अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी को लेकर कहा गया कि वह राज्यसभा चुनाव से जुड़े काम में व्यस्त हैं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अखिलेश यादव से बात की है। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव INDIA Bloc के साथ हैं और विपक्षी दलों को आगे भी मिलकर काम करना चाहिए।

इस बीच अखिलेश यादव की बैठक में अनुपस्थिति को लेकर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं भी सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों ने इसे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे की बातचीत से जोड़कर देखा है, जबकि दोनों दलों के नेताओं ने बैठक में शामिल न होने की वजह के रूप में अलग-अलग संगठनात्मक और राजनीतिक कार्यक्रमों का उल्लेख किया है।

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Congress-SP Alliance Dispute:  सीट शेयरिंग पर कांग्रेस और सपा के अलग-अलग दावे

उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटें आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण हैं। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने पार्टी की तैयारी का उल्लेख करते हुए कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। रिपोर्टों के अनुसार कांग्रेस सभी 403 सीटों पर संगठनात्मक तैयारी की बात भी कर रही है।

दूसरी ओर, सपा की ओर से 350 विधानसभा सीटों पर संगठन और संभावित उम्मीदवारों की तैयारी से जुड़ी चर्चा सामने आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश यादव ने पार्टी विधायकों और सांसदों की बैठक में 403 में से 350 सीटों पर तैयारी बढ़ाने की बात कही। यह जरूरी नहीं कि यह संख्या गठबंधन में अंतिम रूप से सपा के हिस्से में आने वाली सीटों का आधिकारिक प्रस्ताव हो; इसे पार्टी की चुनावी तैयारी के संदर्भ में रिपोर्ट किया गया है।

यही वजह है कि सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच बातचीत पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। यदि गठबंधन कायम रहता है तो दोनों पार्टियों को किन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने हैं, इसका फैसला आपसी बातचीत से किया जाना होगा।

Congress-SP Alliance Dispute: रायबरेली और अमेठी की सीटें भी चर्चा में

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा के बीच सीट शेयरिंग को लेकर रायबरेली और अमेठी क्षेत्र भी चर्चा में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इन क्षेत्रों की कुछ विधानसभा सीटों को लेकर दोनों दलों के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं। सपा की ओर से रायबरेली-अमेठी के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में हिस्सेदारी की इच्छा जताए जाने की खबर है, जबकि कांग्रेस इन सीटों को अपने राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्रों के रूप में देखती रही है।

इन सीटों पर बातचीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों पार्टियां अपने-अपने संगठन को मजबूत करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां कर रही हैं। सीट शेयरिंग का अंतिम फार्मूला तय होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन विधानसभा क्षेत्रों में कौन सा दल उम्मीदवार उतारेगा।

सपा और कांग्रेस के बीच मतभेद की खबरों के बावजूद समाजवादी पार्टी के नेताओं की ओर से गठबंधन टूटने जैसी स्थिति से इनकार किया गया है। पार्टी की ओर से यह कहा गया है कि सीटों से संबंधित अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर होगा।

Congress-SP Alliance Dispute:  INDIA Bloc की बैठक का मुख्य मुद्दा क्या है?

30 सितंबर की INDIA Bloc बैठक केवल उत्तर प्रदेश में सीट शेयरिंग के मुद्दे तक सीमित नहीं है। बैठक का प्रमुख एजेंडा चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे, मतदाता सूची की Special Intensive Revision यानी SIR प्रक्रिया, EVM और VVPAT से संबंधित विपक्षी दलों की चिंताएं और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई जैसे विषय हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, विपक्षी दल इस बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। बैठक में संसद और सड़क दोनों स्तरों पर आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना बताई गई है।

ऐसे समय में अखिलेश यादव का बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल न होना राजनीतिक चर्चा का विषय बना है। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिनिधि भेजे जाने की बात स्पष्ट की गई है। इसलिए पार्टी की गैरमौजूदगी के बजाय यह कहना अधिक सटीक है कि पार्टी अध्यक्ष व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल नहीं हुए।

Congress-SP Alliance Dispute: कांग्रेस-सपा के बीच पहले भी सामने आए हैं मतभेद

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत का मुद्दा नया नहीं है। दोनों दलों ने पिछले चुनावों में अलग-अलग स्तर पर गठबंधन की राजनीति की है और उत्तर प्रदेश में सीटों को लेकर बातचीत कई बार राजनीतिक चर्चा का केंद्र रही है।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के लिए संगठन विस्तार और सीटों की तैयारी अहम है। कांग्रेस जहां राज्य में अपना संगठन मजबूत करने और ज्यादा विधानसभा सीटों पर सक्रियता बढ़ाने की बात कर रही है, वहीं सपा भी बड़ी संख्या में सीटों पर अपने संगठन और संभावित उम्मीदवारों की तैयारी कर रही है।

इसी वजह से सीट शेयरिंग की बातचीत केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं होगी। उम्मीदवारों की स्थिति, पिछले चुनावों के परिणाम, स्थानीय संगठन, विधानसभा क्षेत्र में दोनों दलों की राजनीतिक मौजूदगी और सहयोगी दलों की भूमिका जैसे मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।

Congress-SP Alliance Dispute: आगे क्या होगा?

फिलहाल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर अंतिम सीट शेयरिंग फार्मूला सार्वजनिक नहीं हुआ है। दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की बातचीत के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियां कितनी सीटों पर और किन क्षेत्रों में चुनाव लड़ेंगी।

अखिलेश यादव ने INDIA Bloc की बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने से इनकार किया है, लेकिन सपा की ओर से प्रतिनिधित्व बनाए रखने की बात सामने आई है। कांग्रेस ने भी कहा है कि अखिलेश यादव गठबंधन के साथ हैं।

इस बीच उत्तर प्रदेश में सीट शेयरिंग को लेकर दोनों दलों के अलग-अलग दावों और तैयारियों ने चर्चा बढ़ा दी है। कांग्रेस की ओर से 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा और सपा की ओर से 350 सीटों पर तैयारी की खबरें बताती हैं कि अंतिम समझौते से पहले दोनों पक्ष अपने-अपने राजनीतिक आधार को ध्यान में रखकर बातचीत कर रहे हैं।

इस पूरे मामले में अंतिम स्थिति तभी साफ होगी जब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी आधिकारिक तौर पर सीट बंटवारे का फार्मूला घोषित करें। फिलहाल सामने आई जानकारी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग सबसे महत्वपूर्ण बातचीत में से एक बनी हुई है, जबकि INDIA Bloc के स्तर पर चुनाव आयोग और SIR जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करने की कोशिश जारी है।

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