Rampur Nutrition Committee Meeting: रामपुर में पोषाहार वितरण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, CDO ने दिए सख्त निर्देश

जिला पोषण समिति की बैठक में योजनाओं की समीक्षा, CDO ने सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को क्षेत्र में सक्रिय रहने को कहा

Rampur Nutrition Committee Meeting:  विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की विभिन्न योजनाओं के साथ पोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को पोषण संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सीडीओ ने कहा कि पोषण अभियान का लाभ पात्र बच्चों, महिलाओं और परिवारों तक समय से पहुंचना चाहिए। इसके लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और सुपरवाइजरों को क्षेत्र में सक्रिय रहना होगा। उन्होंने सीडीपीओ को नियमित रूप से योजनाओं की निगरानी करने और सुपरवाइजरों को आंगनबाड़ी केंद्रों का लगातार भ्रमण करने के निर्देश दिए।

आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी के निर्देश

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और विभागीय योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी जरूरी है। सुपरवाइजर क्षेत्र में जाकर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें और वहां संचालित गतिविधियों की स्थिति का जायजा लें।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को उनके दायित्वों के बारे में लगातार जानकारी दी जाए और उन्हें योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए प्रेरित किया जाए। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र लाभार्थियों तक वास्तविक रूप से पहुंचे।

सीडीओ ने सीडीपीओ को भी निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नियमित अनुश्रवण करते रहें। किसी स्तर पर समस्या सामने आने पर उसका समय से समाधान कराया जाए।

पोषाहार वितरण में लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी

बैठक में पोषण सामग्री के समय से वितरण को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक पोषण सामग्री निर्धारित समय पर पहुंचनी चाहिए। वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पोषाहार वितरण की जानकारी भी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। इससे विभागीय स्तर पर वितरण व्यवस्था की निगरानी करने और किसी समस्या की पहचान करने में मदद मिलेगी।

सीडीओ ने अधिकारियों से कहा कि पोषण सामग्री के वितरण से संबंधित रिकॉर्ड और सूचनाओं को भी व्यवस्थित रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसकी समीक्षा की जा सके।

पोषण ट्रैकर एप की भी हुई समीक्षा

जिला पोषण समिति की बैठक में पोषण ट्रैकर एप से संबंधित गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। विभागीय योजनाओं की प्रगति और लाभार्थियों से संबंधित जानकारी के डिजिटल रिकॉर्ड को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही संभव अभियान के तहत संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। सीडीओ ने कहा कि पोषण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जाए। निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर योजनाओं की स्थिति की भी लगातार निगरानी की जाए।

सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में सेवा संकल्प अभियान के तहत आगामी 28, 29 और 30 सितंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को कार्यक्रमों को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इस दौरान आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के आयोजन को लेकर भी सीडीपीओ को जरूरी निर्देश दिए गए। सीडीपीओ को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रमों की तैयारियों की निगरानी करने और संबंधित कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया।

सीडीओ ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों तक विभागीय सेवाओं और योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है। इसलिए कार्यक्रमों में लाभार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें उपलब्ध सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी जाए।

योजनाओं की जमीनी स्थिति पर रहेगी नजर

बैठक में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। इसके लिए क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

सीडीओ ने कहा कि केवल कार्यालय स्तर पर समीक्षा करने से योजनाओं का वास्तविक आकलन नहीं किया जा सकता। इसलिए सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को नियमित रूप से क्षेत्र में जाकर आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति देखनी होगी।

बैठक में पोषण अभियान, पोषण सामग्री के वितरण, पोषण ट्रैकर एप, संभव अभियान और सेवा संकल्प अभियान से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन की ओर से पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन और पोषाहार वितरण की निगरानी पर जोर दिया गया है। खासतौर पर पोषण सामग्री समय से उपलब्ध कराने और उसके वितरण की नियमित सूचना देने को महत्वपूर्ण बताया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि किसी स्तर पर समस्या या लापरवाही सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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