कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: मुख्य आरोपी नौशाद पुलिस एनकाउंटर में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी नौशाद अली को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, भागने की कोशिश के दौरान नौशाद ने फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।
कौशांबी : उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी नौशाद अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में नौशाद के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
इस कार्रवाई की जानकारी डीएसपी चायल शिवांक सिंह ने दी। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।
31 अगस्त को हुआ था भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट
यह पूरा मामला कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र के महमतपुर मनौरी गांव से जुड़ा है। यहां 31 अगस्त को पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई। हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर अभियान शुरू किया।
मुख्य आरोपी की तलाश में बनाई गई थीं चार टीमें
घटना की गंभीरता को देखते हुए कौशांबी के पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की थीं। ये टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं और आरोपियों की तलाश कर रही थीं।
इसी अभियान के दौरान पुलिस को नौशाद के बारे में महत्वपूर्ण सूचना मिली।
सुबह करीब 4 बजे मिली आरोपी के भागने की सूचना
पुलिस के मुताबिक, 1 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे एक मुखबिर से सूचना मिली कि पटाखा फैक्ट्री विस्फोट का मुख्य आरोपी चरवा थाना क्षेत्र में 13 मील सराय अकील मार्ग से भागने की कोशिश कर रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को घेर लिया। पुलिस का दावा है कि घिरने के बाद नौशाद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया।
अस्पताल में कराया गया भर्ती
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने नौशाद को हिरासत में लिया और प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल मंझनपुर भेजा। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम नौशाद, पिता का नाम निजामुद्दीन और पता महतमतपुर मनौरी बताया है।
इस कार्रवाई में एसओजी (Special Operation Group) और स्थानीय पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया।
बाकी आरोपियों की तलाश जारी
नौशाद की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की कार्रवाई खत्म नहीं हुई है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और जांच के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पटाखा फैक्ट्री संचालन और विस्फोट के मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
अवैध पटाखा कारोबार को लेकर भी जांच
इस हादसे के बाद कौशांबी में अवैध पटाखा कारोबार को लेकर भी सवाल उठे हैं। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, नौशाद के खिलाफ 2024 में भी अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालन के मामले में कार्रवाई हुई थी और वह जेल गया था। पुलिस अब कथित अवैध पटाखा निर्माण, भंडारण और सप्लाई के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
वहीं, घटना के बाद पुलिस विभाग ने भी कार्रवाई की है। पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह, चायल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मनीष पाल को लाइन हाजिर किया गया, जबकि बीट आरक्षी जितेन्द्र कुमार और आरक्षी कृष्ण कुमार को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
क्या है पूरा मामला?
कौशांबी के पिपरी क्षेत्र में 31 अगस्त को पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने पूरे इलाके को हिला दिया। हादसे में 11 लोगों की मौत हुई। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया।
1 सितंबर की सुबह पुलिस ने मुख्य आरोपी नौशाद अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, भागने के दौरान हुई फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
