2036 Olympics की आज से तैयारी शुरू करें, खिलाड़ियों से बोले PM Modi; ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ का दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'खेलो इंडिया डॉयलॉग' के तहत युवाओं से वर्चुअली संवाद किया और खिलाड़ियों से 2036 ओलंपिक की तैयारी अभी से शुरू करने का आह्वान किया।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2026 को ‘खेलो इंडिया डॉयलॉग’ के तहत युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअली संवाद किया। इस दौरान उन्होंने खेलों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया और खिलाड़ियों से 2036 ओलंपिक की तैयारी आज से ही शुरू करने का आह्वान किया।

‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ का दिया संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संवाद के दौरान ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ का संदेश दिया। उन्होंने खेलों को युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उनका संदेश खिलाड़ियों को भविष्य की बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अभी से तैयारी करने के लिए प्रेरित करने वाला रहा।

2036 ओलंपिक पर PM मोदी का फोकस

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि 2036 ओलंपिक के लिए तैयारी अभी से शुरू की जानी चाहिए। इसका मकसद भारत के युवा खिलाड़ियों को लंबे समय की तैयारी और बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करना है।

2036 ओलंपिक को लेकर भारत की खेल महत्वाकांक्षाओं के संदर्भ में प्रधानमंत्री का यह संदेश महत्वपूर्ण है। उन्होंने खेलों को लेकर सरकार की गंभीरता भी स्पष्ट की।

Khelo India Dialogue में युवाओं से संवाद

यह संवाद Khelo India Dialogue के तहत हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत की। कार्यक्रम का उद्देश्य खेलों को लेकर युवाओं के बीच उत्साह बढ़ाना और उन्हें खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करना था।

खेलों को लेकर सरकार गंभीर: PM मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार खेलों को लेकर गंभीर है। उनके संबोधन में युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेलों में भारत की स्थिति मजबूत करने पर जोर दिखाई दिया।

उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य की प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए लगातार तैयारी करने का संदेश दिया। खास तौर पर 2036 ओलंपिक के लिए आज से तैयारी शुरू करने की अपील उनके संबोधन का प्रमुख हिस्सा रही।

क्यों महत्वपूर्ण है यह संदेश?

2036 ओलंपिक के लिए अभी से तैयारी शुरू करने का संदेश इस बात पर जोर देता है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में सफलता के लिए लंबी अवधि की तैयारी जरूरी है। युवा खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से बेहतर प्रशिक्षण, प्रतियोगिता का अनुभव और लगातार अभ्यास मिलने पर वे भविष्य में बड़े मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री का ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ संदेश भी इसी सोच को सामने रखता है कि खेल केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रहें, बल्कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी का हिस्सा बनें।

India का Olympic लक्ष्य

इस संवाद के दौरान भारत की ओलंपिक तैयारियों और खेलों में व्यापक भागीदारी की जरूरत पर भी चर्चा हुई। हाल की रिपोर्टों में प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को ओलंपिक में बेहतर पदक प्रदर्शन के लिए अधिक खेल विधाओं में भागीदारी बढ़ानी होगी।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डॉयलॉग’ के जरिए युवाओं और खिलाड़ियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सरकार खेलों को लेकर गंभीर है और खिलाड़ियों को 2036 ओलंपिक की तैयारी अभी से शुरू करनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ का संदेश भी दिया।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.