महंगाई…..महंगाई ….तू कहां से आई , तुझे शर्म ना आई ….रसोई का बजट बिगड़ा, चीनी 65 रुपये और सरसों तेल 200 रुपये लीटर
गरीब के लिए सब्जी-दूध भी हुआ दूभर: नेकीराम सेतिया
Ellenabad, August 20 (एम पी भार्गव ): ऐलनाबाद के प्रमुख समाजसेवी नेकी राम सेतिया ने लगातार सुरसा के मुंह की तरह बढ़ रही महंगाई और रसोई की चीजों के दामों में बढ़ोतरी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
एक प्रेस विज्ञप्ति जारी.कर नेकीराम सेतिया ने कहा है कि सत्ता में आने से पहले महंगाई पर नियंत्रण का वादा करने वाली सरकार इस मुद्दे पर लगातार फेल हो रही है। जनता की खून-पसीने की कमाई को लूटा जा रहा है और महंगाई के जरिए उसकी जेब काटी जा रही है।
सेतिया ने कहा कि आज गृहणियां इस बात से बेहद परेशान हैं कि रसोई की चीजों के दाम दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं। दाल, आटा, रसोई गैस, तेल, सब्जी सब इतने महंगे हैं कि गरीब आदमी और गरीब होता जा रहा है गरीबों की दिन प्रतिदिन कमर झुकती जा रही है। लेकिन इस सरकार का महंगाई की ओर कोई ध्यान नहीं है जिससे लोगों में गहरा रोष गहराया हुआ है. सब्जियों के भाव दिनों -दिन आसमान को छू रहे हैं
फल खाना तो दूर की बात है, लोगों से सब्जी-दूध लेना भी दूभर होता जा रहा है।
समाजसेवी नेकीराम सेतिया ने कहा कि आज हर घर की जरूरत चीनी 65 रुपए प्रति किलो के रेट पर मिल रही है, जबकि सरसों का तेल खुदरा में 200 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। सरकार ने राशन डिपुओं पर तेल की कटौती कर दी है। ऐसे में गरीब लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
सेतिया ने कहा कि बिल्डिंग मैटीरियल के रेट आसमान छू रहे हैं, जिससे आम आदमी अपना घर बनाने का सपना भी नहीं देख सकता। उन्होंने कहा कि ईंटें, सीमेंट, सरिया समेत तमाम चीजों के भाव इतने अधिक हैं कि सुनकर लोगों का पसीना छूट जाता है। पक्की ईंटों के रेट 10से 12हजार रुपए प्रति हजार चल रहे हैं।
नेकीराम सेतिया ने भाजपा की निकम्मी सरकार से गुहार लगाई है कि वह इस सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती महंगाई पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाए ताकि ग्रहणियों की रसोई का बजट सही हो सके, दिनों दिन घरेलू बजट डगमगा रहा है., क्या भाजपा सरकार इस ज्वलंत मुद्दे की ओर ध्यान देगी ,या गरीब जनता महंगाई की इस आग में यूं ही झुलसती रहेगी ?
