हड़ताल के कारण टैक्स देने वाली जनता लाचार क्यों, प्रशासन और सरकार तुरंत निकालें समाधान-नगरपार्षद

ऐलनाबाद ( एम पी भार्गव ) सफाई कर्मचारियों और हरियाणा सरकार के बीच चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल का सबसे बड़ा खमियाजा ऐलनाबाद की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। जगह-जगह कचरे के ढेर और बदबू से शहरवासी परेशान हैं। इस गंभीर स्थिति पर नगर पार्षद सुभाष चन्द्र प्रेमी ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन और सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में टैक्सपेयर ही सबसे बड़ा हितधारक होता है। सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान होना चाहिए, लेकिन इसके कारण पूरे शहर को कचराघर बनने छोड़ देना प्रशासनिक नाकामी को दर्शाता है। सरकार और स्थानीय निकाय को तुरंत प्रभाव से ऐलनाबाद की जनता को राहत पहुंचानी होगी।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगरपालिका या सरकार का अपना कोई पैसा नहीं होता, पूरा तंत्र जनता द्वारा दिए गए टैक्स से ही चलता है। ऐसे में दो पक्षों की खींचतान में टैक्सपेयर्स को सजा देना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक और व्यापारी अपनी गाढ़ी कमाई से प्रॉपर्टी टैक्स, दुकान का टैक्स और अप्रत्यक्ष कर समय पर अदा करता है। इसी टैक्स के पैसे से सफाई कर्मचारियों का वेतन और नगरपालिका का पूरा ढांचा चलता है।

​सफाई कर्मचारियों की मांगें और सरकार का रुख अपनी जगह हो सकता है, लेकिन इस लड़ाई में ऐलनाबाद की निर्दोष जनता को बंधक बनाना किसी भी सूरत में सही नहीं है। जब जनता पूरा टैक्स दे रही है, तो उसे साफ-सुथरा वातावरण और बुनियादी सुविधाएं पाने का पूरा संवैधानिक अधिकार है।

जनता के अधिकारों के लिए उठाया जाएगा आगामी कदम
नगर पार्षद सुभाष चन्द्र प्रेमी ने कहा कि वे इस मामले को लेकर ऐलनाबाद एसडीएम और नगरपालिका सचिव को तुरंत वैकल्पिक सफाई व्यवस्था शुरू करने के लिए मांग पत्र सौंपेंगे। उन्होंने शहरवासियों से अनुरोध किया है कि जब तक हड़ताल का समाधान नहीं निकलता, तब तक कचरा खुले में फेंकने के बजाय तय स्थानों पर ही डालें।

​अगर हड़ताल लंबी चलती है, तो नगरपालिका प्रशासन को चुप बैठने की बजाय तुरंत आपातकालीन बजट जारी कर वैकल्पिक सफाई व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि शहर को बीमारियों की महामारी से बचाया जा सके।”

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