लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, 5 से 15 साल के बच्चों के लिए चलेगा ‘प्रतिभा खोज’ अभियान

 2036 ओलंपिक की तैयारी पर जोर, गांव-गांव और स्कूल-स्कूल खोजी जाएगी खेल प्रतिभा; 2047 तक विकसित भारत का भी रखा रोडमैप

New Delhi, August 15. 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए खेल और युवा प्रतिभाओं को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा तलाशने के लिए देशव्यापी ‘प्रतिभा खोज’ अभियान चलाया जाएगा। गांव, शहर और स्कूल स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण देकर देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के रूप में तैयार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2036 में ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी कर रहा है। ऐसे में उन खेलों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, जिनमें भारतीय खिलाड़ी अभी पर्याप्त संख्या में क्वालीफाई नहीं कर पाते हैं।

‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि भारत खेल की दुनिया में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और अब अंतरराष्ट्रीय पोडियम पर तिरंगा लगातार दिखाई दे रहा है। उन्होंने ‘टॉप्स’ योजना, खेलो इंडिया गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स और बीच गेम्स के साथ खेल सुविधाओं, कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन और पोषण के क्षेत्र में हो रहे काम का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि भारत के पदकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में बड़े अवसर खुल रहे हैं।

2036 ओलंपिक के लिए गांव-गांव खोजी जाएगी प्रतिभा

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के ओलंपिक खेलों में करीब 40 खेल और सैकड़ों स्पर्धाएं होती हैं, लेकिन भारत कई खेलों में क्वालीफाई नहीं कर पाता। ऐसे खेलों में प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि 5 से 15 वर्ष के बच्चों की प्रतिभा गांव-गांव, शहर-शहर और स्कूल-स्कूल खोजी जाएगी। चयनित प्रतिभाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के रूप में विकसित किया जाएगा।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में खेल के साथ भारत के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप भी रखा। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना देश का लक्ष्य है। इसके लिए ऊर्जा, तकनीक, विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, फार्मा और वैश्विक व्यापार जैसे क्षेत्रों में भारत को नई ऊंचाइयां हासिल करनी होंगी।

प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा और इसी दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की बात कही।

सेमीकंडक्टर से लेकर फार्मा तक बड़े लक्ष्य

पीएम मोदी ने कहा कि भारत चिप निर्माण के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में कई और सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारत को केवल असेंबली तक सीमित नहीं रहना, बल्कि डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक पूरी सप्लाई चेन में मजबूत भूमिका निभानी है।

फार्मा क्षेत्र में भी उन्होंने भारतीय कंपनियों को दुनिया की शीर्ष पांच कंपनियों में शामिल करने का लक्ष्य रखा। मेडिकल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश वैश्विक मेड-टेक हब के रूप में भी अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

फॉर्च्यून 500 में 50 भारतीय कंपनियों का सपना

प्रधानमंत्री ने भारतीय उद्योग जगत की वैश्विक मौजूदगी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले दशक में फॉर्च्यून 500 की सूची में भारत की 50 कंपनियां क्यों नहीं हो सकतीं। उन्होंने इसे देश की सामूहिक शक्ति और बड़े लक्ष्य हासिल करने की क्षमता से जोड़ा।

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प होना चाहिए।

‘सप्त धारा’ और बड़े संकल्प का संदेश

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ‘शक्ति की सप्त धारा’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 से 7 वर्षों में वह काम पूरा करने की कोशिश की जानी चाहिए, जो पिछले कई दशकों में नहीं हो पाया।

उन्होंने देशवासियों से छोटे सपनों तक सीमित नहीं रहने की अपील करते हुए कहा कि बड़े सपने सोच का दायरा बढ़ाते हैं। विकसित भारत के लक्ष्य के लिए कार्यसंस्कृति में बदलाव, तेज गति और ऊंची सोच जरूरी है।

75 मिनट का रहा पीएम मोदी का भाषण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार लाल किले से लगातार 13वीं बार स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया। उनका भाषण करीब 75 मिनट का रहा। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं, खेल, तकनीक, ऊर्जा और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य पर विशेष जोर दिया।

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस की थीम ‘विकसित भारत 2047 के लिए युवा शक्ति’ रखी गई है। पीएम मोदी ने अपने भाषण में ‘बड़ा सोचो, बड़ा संकल्प लो’ का संदेश देते हुए कहा कि भारत को अब छोटे लक्ष्यों से आगे बढ़कर बड़े सपने और बड़े संकल्प लेने होंगे।

उन्होंने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का भी विशेष उल्लेख किया। इस वर्ष राष्ट्रगीत की रचना के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

 

  • इनपुट- एजेंसी

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