साइबर ठगी केस: सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर रोहन जाधव गिरफ्तार, 5,436 बैंक खातों में पहुंची 10.74 करोड़ की रकम, हॉन्गकॉन्ग कनेक्शन का खुलासा

मुंबई: महाराष्ट्र में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की डिजिटल ठगी के मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर रोहन रामेश्वर जाधव को गिरफ्तार किया है। जांच के मुताबिक, एक 82 वर्षीय बुजुर्ग को कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 10 करोड़ 74 लाख 65 हजार रुपये की ठगी की गई थी। इस रकम को हजारों बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई है।

82 वर्षीय बुजुर्ग को बनाया गया था निशाना

मामला उस समय सामने आया जब ठगों ने एक 82 वर्षीय बुजुर्ग को फोन कर खुद को CBI अधिकारी बताया। उन्हें गंभीर अपराध में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाया गया। इसके बाद कथित तौर पर कानूनी कार्रवाई से बचने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए।

पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग से कुल ₹10.74 करोड़ की ऑनलाइन ठगी हुई। बाद में शिकायत मिलने पर जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया रोहन जाधव का नाम

जांच आगे बढ़ने पर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर रोहन जाधव का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, वह मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर का रहने वाला है और वर्ष 2022 से पिंपळे निलख इलाके में रह रहा था।

रोहन जाधव सोशल मीडिया पर सक्रिय था और रियल स्टार के तौर पर काम करने के साथ सेलिब्रिटी मैनेजमेंट से भी जुड़ा हुआ था।

5,436 बैंक खातों में ट्रांसफर हुई रकम

पुलिस की जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को बड़ी संख्या में बैंक खातों के माध्यम से आगे ट्रांसफर किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 5,436 बैंक खातों में शिकायतकर्ता की रकम ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई है।

जांच में करीब ₹1.34 करोड़ की रकम से जुड़े लेन-देन की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

29 साइबर ठगी के मामलों से कनेक्शन

पुलिस के मुताबिक, रोहन जाधव द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों से जुड़े 29 साइबर ठगी के मामले और NCRP शिकायतें सामने आई हैं। जांच में उसके अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में होने की जानकारी भी मिली।

इसी आधार पर उसके खिलाफ अदालत से नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया गया था।

हॉन्गकॉन्ग कनेक्शन भी सामने आया

जांच में रोहन जाधव के हॉन्गकॉन्ग में मौजूद कथित संपर्कों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, वह Telegram के जरिए हॉन्गकॉन्ग के लोगों के संपर्क में था और वीडियो कॉल पर भी बातचीत करता था।

पुलिस के अनुसार, इन संपर्कों के साथ डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से वित्तीय लेन-देन किए जाने की भी जांच की जा रही है।

पहले तीन आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी

पुणे पुलिस ने जांच के दौरान हर्षद सुभाष धंतोले, समर्थ सुरेश देशमुख और अमर शिवाजी अटार्गी को पहले गिरफ्तार किया था।

जांच के दौरान धंतोले ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि ATM से निकाली गई रकम उसने रोहन जाधव को दी थी। इसके बाद पुलिस की जांच रोहन जाधव तक पहुंची।

दो जगह दर्ज हैं मामले

रोहन जाधव के खिलाफ पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में दो मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की भूमिका, पैसों के ट्रांसफर और इसमें शामिल अन्य लोगों की जांच कर रही है।

पुलिस की जांच अभी जारी

इस मामले में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 5,436 बैंक खातों का इस्तेमाल किस तरह किया गया और ठगी की रकम आखिर किन-किन लोगों तक पहुंची। साथ ही हॉन्गकॉन्ग से जुड़े कथित संपर्कों और डिजिटल लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल सामने आई जानकारियां पुलिस जांच पर आधारित हैं और मामले में आगे की जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट होगी।

 

 

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