BSP में बड़ा एक्शन: मायावती ने सतीश चंद्र मिश्रा के करीबी अंटू मिश्रा को पार्टी से निकाला, चुनाव से पहले दिया सख्त संदेश

लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़ा राजनीतिक बदलाव सामने आया है। पार्टी प्रमुख मायावती ने पूर्व कैबिनेट मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ ‘अंटू मिश्रा’ को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। अंटू मिश्रा को BSP के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा का करीबी माना जाता है। मायावती ने यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में की है।

मायावती ने तत्काल प्रभाव से किया निष्कासन

मायावती ने 13 अगस्त को अंटू मिश्रा को पार्टी से बाहर करने की जानकारी दी। BSP के केंद्रीय कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अनंत कुमार मिश्रा लंबे समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे और पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता माना। इसी आधार पर उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की गई।

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।

कौन हैं अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा?

अनंत कुमार मिश्रा, जिन्हें अंटू मिश्रा के नाम से भी जाना जाता है, BSP सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। वह पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा के करीबी माने जाते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, अंटू मिश्रा को BSP में सतीश चंद्र मिश्रा लेकर आए थे। वर्ष 2007 में BSP ने उन्हें फर्रुखाबाद सदर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा था। चुनाव जीतने के बाद उन्हें मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था।

महाराजपुर से 2027 चुनाव की तैयारी कर रहे थे अंटू मिश्रा

अंटू मिश्रा को लेकर रिपोर्ट में बताया गया है कि वह कानपुर की महाराजपुर विधानसभा सीट से 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। ऐसे समय में पार्टी से उनका निष्कासन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मायावती के इस फैसले से यह संदेश भी गया है कि आगामी चुनाव से पहले पार्टी नेतृत्व संगठन के भीतर अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।

सतीश चंद्र मिश्रा के एक और करीबी का पार्टी से बाहर होना

अंटू मिश्रा के अलावा नकुल दुबे भी सतीश चंद्र मिश्रा के करीबी नेताओं में माने जाते रहे हैं। नकुल दुबे लखनऊ की बख्शी का तालाब विधानसभा सीट से विधायक रहे और BSP सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे। वह अब कांग्रेस में हैं।

ऐसे में अंटू मिश्रा पर हुई कार्रवाई को BSP संगठन में चल रहे बदलावों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

मायावती ने कार्यकर्ताओं को क्या संदेश दिया?

अंटू मिश्रा के निष्कासन के साथ मायावती ने BSP के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव के लिए सतर्क रहने का संदेश दिया है। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से विरोधी दलों के ‘साम, दाम, दंड, भेद’ जैसे हथकंडों से सावधान रहने की अपील की।

मायावती ने कार्यकर्ताओं से आंबेडकरवादी मिशन के प्रति ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करने तथा आगामी विधानसभा चुनाव में BSP को मजबूत बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया है।

2027 चुनाव से पहले BSP की रणनीति पर नजर

उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ BSP भी अपने संगठन और राजनीतिक रणनीति को मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और संभावित उम्मीदवारों पर नेतृत्व की निगरानी बढ़ना स्वाभाविक है।

अंटू मिश्रा जैसे पुराने और पूर्व मंत्री रहे नेता के खिलाफ कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि मायावती चुनाव से पहले पार्टी अनुशासन को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहतीं। हालांकि, निष्कासन के पीछे लगाए गए आरोपों पर अंटू मिश्रा की ओर से कोई अलग प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में सामने नहीं आई है।

 

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