डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस: भारत का सबसे बड़ा मानवाधिकार संगठन मीडिया की सुर्खियों से लेकर अब जमीनी हकीकत तक

रामपुर (​उत्तर प्रदेश) के ऐतिहासिक शहर रामपुर में जन्मे भारत के प्रसिद्ध आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान ने एक बार फिर नया इतिहास रच दिया है। उनके नेतृत्व में देश के सबसे बड़े और अग्रणी ह्यूमन राइट प्रोटेक्शन ऑर्गेनाइजेशन ‘डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस’ (एक सेक्शन-8 कंपनी) के पास भारत सरकार की तरफ से सभी आवश्यक मान्यताएं और तमाम लीगल लाइसेंस पूरी तरह से प्राप्त हैं, जिससे संगठन से जुड़ा हर एक कार्यकर्ता और पदाधिकारी कानूनी रूप से पूरी तरह सशक्त और मजबूत है।

बीते तीन वर्षों का सफर और अब जमीन पर उतरकर तहलका
इस संगठन ने अपने शुरुआती पूरे तीन साल सिर्फ न्यूज़, मीडिया और सुर्खियां बटोरने में बिताए हैं। अब संगठन पूरी मजबूती के साथ वास्तविक पायदान पर उतर चुका है और धरातल पर बेहतरीन काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस बीच के सफर में जो भी तकनीकी या कार्यगत बाधाएं आईं, उनके लिए संगठन प्रबंधन ने दिल से खेद व्यक्त किया है। साथ ही यह स्पष्ट किया है कि अब हर कमी को पीछे छोड़कर, पूरी ताकत, पूरे मन और दिल से संगठन के उद्देश्यों को जमीन पर उतारा जाएगा। संगठन का हर कदम अब इतनी मजबूती से उठेगा कि देश भर में इसका गहरा प्रभाव दिखाई देगा।

नया अत्याधुनिक आईटी और डिजिटल सिस्टम—जमीनी स्तर पर क्रांति
उत्कृष्ट और निष्पक्ष काम करने के लिए संगठन ने जमीनी स्तर पर अपना पूरा आईटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पूरी तरह तैयार कर लिया है। इस आधुनिक डिजिटल क्रांति ने देश के युवाओं और नागरिकों को आत्मनिर्भर (Self-reliant) बनने के अभूतपूर्व अवसर प्रदान किए हैं।

इस डिजिटल क्रांति और तकनीकी विस्तार में आईटी इंजीनियर जैद मोहम्मद खान की निगरानी और कुशल नेतृत्व ने पूरे तंत्र में एक नया तहलका मचा दिया है।इंजीनियर अश्विनी बघेल और अन्य साथियों ने बड़ा डिजिटल प्लेटफार्म तैयार कर देश के योवाओ आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ा योगदान दिया हैं।

देशभर की प्रतिभाओं को भारत सम्मान एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट महा-अभियान
​देशभर में अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रत्येक नागरिक—चाहे वे सरकारी क्षेत्र से हों, प्राइवेट सेक्टर से, गैर-सरकारी संगठनों (NGO) से या किसी भी अन्य क्षेत्र से जुड़े हों—अब इस ऑर्गेनाइजेशन द्वारा उन्हें भारत सम्मान एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जा रहा है। समाज और राष्ट्रहित में सराहनीय योगदान देने वाली हर शख्सियत को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाना इस नए अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

संगठन के इस महा-अभियान को नई दिशा देने में निदेशक मंडल की सक्रिय भूमिका है। संगठन के डायरेक्टर और तमाम प्रमुख पदाधिकारियों के नेतृत्व में यह कारवां लगातार ऊंचाइयों को छू रहा है। संगठन का स्पष्ट संदेश है कि “संगठन हित सर्वोपरि है।

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