अमृतसर देहात पुलिस की बड़ी सफलता, 15 किलो हेरोइन समेत तीन नशा तस्कर गिरफ्तार
एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल बोले— ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत नशा तस्करों के खिलाफ लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
-ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भेजी गई हेरोइन की खेप नाकाम, तकनीकी सूचना के आधार पर मिली सफलता
-युवाओं को नशे और आईएसआई के जाल से बचाने के लिए पुलिस ने तेज की जागरूकता मुहिम
अमृतसर: अमृतसर देहात पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 15 किलो हेरोइन बरामद की है। इस मामले में तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है। यह जानकारी अमृतसर देहात के एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
एसएसपी चहल ने बताया कि थाना घरिंडा पुलिस टीम को गुप्त एवं तकनीकी सूचना के आधार पर यह सफलता मिली। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन प्रहार 4.0’ के दौरान एकत्र की गई सूचनाओं पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में नाकाबंदी के दौरान मोटरसाइकिल पर जा रहे दो युवकों को रोककर तलाशी ली गई, जिनके कब्जे से 10 किलो हेरोइन बरामद हुई। इस संबंध में थाना घरिंडा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि इसी अभियान के तहत एक अन्य कार्रवाई में गांव धनोए के पास ड्रोन के जरिए गिराई गई 5 किलो हेरोइन की खेप लेने पहुंचे एक अन्य आरोपी को भी मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से लगातार नशे की खेप भेजने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ इन प्रयासों को विफल कर रही हैं।
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसबीर सिंह उर्फ मोनू और अमृतपाल सिंह उर्फ मोटा के रूप में हुई है। जसबीर सिंह के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है, जबकि दूसरे आरोपी का नाम पहले दर्ज एक फायरिंग मामले में भी सामने आ चुका है। सभी आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हेरोइन की यह खेप किसके कहने पर मंगवाई गई थी, इसे कहां सप्लाई किया जाना था और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और संभावना है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रही है।
एसएसपी चहल ने कहा कि सीमा पार बैठी एजेंसियां, विशेष रूप से आईएसआई, पंजाब के युवाओं को नशे और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में फंसाने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को लालच देकर अपने संपर्क में लाने की कोशिश की जाती है। इसी वजह से पुलिस ने साइबर मॉनिटरिंग को भी और मजबूत किया है।
उन्होंने बताया कि अमृतसर देहात पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। सांझ केंद्रों की टीमें गांवों के गुरुद्वारों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभाव और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली साजिशों के प्रति जागरूक कर रही हैं। यह अभियान अजनाला, रामदास, राजासांसी, अटारी, बाबा बकाला और अन्य सीमावर्ती इलाकों में भी चलाया जा रहा है।
एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाना और सीमा पार से संचालित तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ लगातार जारी रहेगा और नशा तस्करों, गैंगस्टरों तथा उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी को नशा तस्करी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि पंजाब को नशा मुक्त बनाने की मुहिम को और मजबूत किया जा सके।
