फ़ैसल लाला की शिकायत पर NHRC का बड़ा एक्शन, जंतर-मंतर छात्र उत्पीड़न मामले में दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी।
Rampur: आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता फ़ैसल ख़ान लाला द्वारा जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से लौट रहे बरेली के छात्रों के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज, धमकी एवं मानवाधिकारों के उल्लंघन के संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में दर्ज कराई गई शिकायत डायरी संख्या 17497/IN/2026 को आयोग ने अपने पहले से लंबित सुओ-मोटो प्रकरण संख्या 2104/30/0/2026 के साथ संबद्ध (Linked) कर लिया है।
फ़ैसल ख़ान लाला ने अपनी शिकायत में आयोग को अवगत कराया था कि 25 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर, नई दिल्ली से लौट रहे बरेली के दो छात्रों के साथ कुछ व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के अनुसार इस घटना में कथित रूप से राष्ट्रीय हिन्दू वीर सेना के अध्यक्ष सत्यम पंडित का नाम सामने आया। शिकायत में घटना के वीडियो, समाचार रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य संलग्न कर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की मांग की गई थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए 25 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट (Action Taken Report) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने अपने नोटिस में दिल्ली पुलिस से यह स्पष्ट करने को कहा है कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग क्यों किया गया, लाठीचार्ज और आंसू गैस के प्रयोग की परिस्थितियाँ क्या थीं, कितने छात्र घायल हुए, उन्हें क्या चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई, तथा घटना से संबंधित CCTV फुटेज और वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
फ़ैसल ख़ान लाला ने कहा कि उनकी शिकायत को आयोग द्वारा सुओ-मोटो मामले के साथ जोड़ा जाना इस बात का प्रमाण है कि मामला गंभीर प्रकृति का है और मानवाधिकार आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक और छात्र का संवैधानिक अधिकार है। किसी भी छात्र के साथ हिंसा, धमकी या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है और इसकी निष्पक्ष जांच होकर दोषियों को कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगा और पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करेगा।
