रामपुर: दहेज हत्या मामले में पति को 10 साल और सास को 7 साल की सजा, ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत बड़ी सफलता
रामपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत रामपुर पुलिस को दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में बड़ी सफलता मिली है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रामपुर की अदालत ने दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की हत्या के मामले में पति को 10 वर्ष के कठोर कारावास और सास को 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर अलग-अलग धाराओं में आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
दहेज की मांग पूरी न होने पर की थी हत्या
पुलिस के अनुसार, 14 मई 2022 को थाना बिलासपुर में दर्ज मुकदमे में वादी ने आरोप लगाया था कि उसकी पुत्री को पति मुनेन्द्र उर्फ मुनिन्द्र और सास प्रेमवती, निवासी ग्राम कोटा अलीनगर, थाना बिलासपुर, दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
इस मामले में थाना बिलासपुर में मु.अ.सं. 198/2022 के तहत धारा 498ए, 304बी भारतीय दंड संहिता तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मजबूत पैरवी से मिली सजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस, अभियोजन मॉनिटरिंग सेल और विशेष अभियोजन अधिकारियों ने न्यायालय में प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की। सभी साक्ष्यों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किए जाने के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
16 जुलाई 2026 को सुनाए गए फैसले में अदालत ने:
मुनेन्द्र उर्फ मुनिन्द्र को धारा 304बी के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया।
प्रेमवती को धारा 304बी के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास दिया।
दोनों दोषियों को धारा 498ए के तहत 3-3 वर्ष का कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत 2-2 वर्ष का कठोर कारावास तथा 2-2 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत जारी है अभियान
रामपुर पुलिस ने कहा कि पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर संचालित “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत गंभीर मामलों में प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अपराधियों को त्वरित और कठोर सजा दिलाई जा सके। पुलिस ने दोहराया कि अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
