रामपुर: जौहर विश्वविद्यालय को बचाने की मांग, एआईएमआईएम ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन
रामपुर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पदाधिकारियों ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई का विरोध करते हुए राष्ट्रपति और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और आवश्यक हस्तक्षेप करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर की पहचान होने के साथ-साथ गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। यहां हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यदि विश्वविद्यालय को ध्वस्त किया गया तो इससे रामपुर के शिक्षा क्षेत्र को भारी नुकसान होगा और क्षेत्र के युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
एआईएमआईएम ने ज्ञापन में कहा कि यह किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षा और रामपुर के भविष्य का प्रश्न है। संगठन का कहना है कि शिक्षा संस्थानों को संरक्षित रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है तथा ऐसी कार्रवाई से प्रदेश सरकार की छवि भी प्रभावित होगी।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जिन भवनों का नक्शा स्वीकृत नहीं है, उन्हें सरकार अपने विशेषाधिकारों का प्रयोग कर नियमानुसार स्वीकृति प्रदान करे, ताकि शिक्षा के इस महत्वपूर्ण संस्थान को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
अंत में एआईएमआईएम ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री से जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने की कार्रवाई तत्काल रोकने का अनुरोध किया तथा जिलाधिकारी से यह ज्ञापन दोनों संवैधानिक पदाधिकारियों तक प्रेषित करने की मांग की।
