- रिपोर्ट: शाहबाज़ खान
रामपुर: परिवहन आयुक्त के आदेश के क्रम में सेफ फ्यूचर अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल वाहनों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान कुल 27 स्कूल बसों का सघन निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की गई।
एआरटीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में 5 विद्यालयों के वाहनों की विशेष रूप से जांच की गई। इस दौरान 2 बसें ऐसी पाई गईं, जो संबंधित विद्यालयों के नाम से पंजीकृत नहीं थीं, लेकिन विद्यालय के बच्चों का परिवहन कर रही थीं। इन दोनों बसों को तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना शहजादनगर में सीज कराया गया।
इसके अतिरिक्त नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 3 स्कूल बसों का चालान किया गया तथा विभिन्न कमियां पाए जाने पर 4 स्कूल बसों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समयावधि में कमियों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्कूल वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों, वैध अभिलेखों एवं परिवहन नियमों का पूर्णतः पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी विद्यालय अथवा वाहन संचालक के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को स्कूल वाहन से भेजने से पहले निम्न छह बिंदुओं की अवश्य जांच करें एवं इसकी जानकारी अपने पास रखें—
–वाहन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो।
–बस में फर्स्ट एड (मेडिकल) बॉक्स उपलब्ध हो।
–बस में कार्यशील अग्निशामक यंत्र लगा हो।
–वाहन का वैध फिटनेस प्रमाणपत्र हो।
–वाहन का वैध बीमा होना सुनिश्चित हो।
स्कूल बस पर विद्यालय का नाम एवं संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से अंकित हो, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल संपर्क किया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि अभिभावकों की जागरूकता बच्चों की सुरक्षा की सबसे मजबूत कड़ी है। यदि किसी स्कूल वाहन में उपरोक्त सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो इसकी सूचना तत्काल एआरटीओ व अन्य परिवहन विभाग के अधिकारी को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
