आमतौर पर लोग Rajasthan को देश का सबसे गर्म इलाका मानते हैं, लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश का Banda तापमान के मामले में सबसे आगे निकल गया है। यहां पारा 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों का दिन में घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
खनन और ब्लास्टिंग से बढ़ रही गर्मी
विशेषज्ञों के मुताबिक Banda में बड़े पैमाने पर हो रही पत्थरों की ब्लास्टिंग और खनन प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ रही है। पहाड़ों को तोड़ने से जमीन तेजी से गर्म हो रही है, जिसका सीधा असर आसपास के तापमान पर पड़ रहा है।
धूल का गुबार बना हीट ट्रैप
खनन और क्रशर मशीनों से निकलने वाली धूल लंबे समय तक हवा में बनी रहती है। यह धूल सूरज की गर्मी को जमीन के पास रोक देती है, जिससे रात के समय भी तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं होती और गर्मी लगातार बनी रहती है।
Ken River का सूखना भी बड़ी वजह
एक समय में पानी से भरपूर रहने वाली Ken River अब कई जगहों पर लगभग सूख चुकी है। लगातार रेत खनन के कारण नदी का जलस्तर प्रभावित हुआ है और पानी जमीन तक नहीं पहुंच पा रहा। इससे इलाके में प्राकृतिक ठंडक कम होती जा रही है।
तेजी से गिर रहा भूजल स्तर
Banda के ग्रामीण इलाकों में भूजल स्तर 100 फीट से ज्यादा नीचे चला गया है। जमीन में नमी खत्म होने से मिट्टी और पत्थर ज्यादा गर्मी सोखने लगे हैं, जिससे तापमान और बढ़ रहा है।
जंगलों की कटाई से बिगड़ा संतुलन
रिपोर्ट्स के अनुसार इलाके में लगातार जंगलों की कटाई हो रही है। पेड़ों की संख्या कम होने से छांव, नमी और ठंडी हवा का प्राकृतिक चक्र कमजोर पड़ गया है, जिसका असर सीधे मौसम पर दिखाई दे रहा है।
सुबह 10 बजे बाद सूनी हो जाती हैं सड़कें
भीषण गर्मी और लू के चलते Banda में सुबह 10 बजे के बाद बाजार और सड़कें लगभग खाली दिखाई देती हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं और ज्यादातर समय घरों में रहने को मजबूर हैं।
वैज्ञानिकों ने बताया जलवायु संकट का संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि Banda की यह स्थिति केवल मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि जलवायु संकट का गंभीर संकेत है। उनका कहना है कि अगर खनन, जंगलों की कटाई और नदी दोहन पर रोक नहीं लगी तो आने वाले वर्षों में हालात और ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं।
