एटा:- भीषण गर्मी के बीच खण्ड विकास कार्यालय सकीट में आने वाली आम जनता को शुद्ध पेयजल तक नसीब नहीं हो पा रहा है। कार्यालय परिसर में लगी आरओ मशीन पिछले लगभग एक वर्ष से खराब पड़ी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने उसे ठीक कराने की जरूरत तक नहीं समझी। ग्रामीण क्षेत्रों से अपनी समस्याएं लेकर आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और किसान घंटों कार्यालय में बैठने को मजबूर होते हैं, मगर उन्हें पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
हैरानी की बात यह है कि जहां जनता के लिए लगी आरओ मशीन की सुध लेने वाला कोई नहीं, वहीं खण्ड विकास अधिकारी सकीट के कार्यालय में लगे एसी की सर्विस समय-समय पर कराई जा रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि अधिकारियों की प्राथमिकता जनता की सुविधा नहीं, बल्कि अपनी आरामदायक व्यवस्था बनाए रखना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टालते रहे। सरकारी कार्यालयों में जनता की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर करती है।
अब सवाल यह उठता है कि जब विकास खण्ड कार्यालय ही लोगों को शुद्ध पानी जैसी बुनियादी सुविधा नहीं दे पा रहा, तो आम जनता के विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे कितने सच हैं? जनता ने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर तत्काल आरओ मशीन ठीक कराने और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
