जब पति की शराबखोरी से तंग महिला ने बंसी लाल की विकास पार्टी की कृष्णा गहलोत को कहा “ तेरा शराबी मुटियार (पति) पीटता होगा इसलिए शराब के ख़िलाफ़ भाषण दे रही है

गुस्ताखी माफ हरियाणा- पवन कुमार बंसल

हरियाणवी अंदाज़ में राजनीति, समाज और देसी ह्यूमर का तड़का i मेरी किताब “हरियाणा के लालों के सबरंग किस्से” का यह किस्सा उसी देसी बेलौस शैली का बढ़िया उदाहरण है। शराबबंदी के मुद्दे पर हरियाणा की राजनीति में कई बार बड़े-बड़े वादे हुए, लेकिन जनता की प्रतिक्रिया हमेशा अपने ठेठ अंदाज़ में आई। उस दौर में बंसी लाल की विकास पार्टी ने चुनाव में नशाबंदी लागू करने का वादा किया था। महिला सम्मेलन में पार्टी की महिला शाखा की अध्यक्ष कृष्णा गहलावत शराब के खिलाफ भाषण दे रही थीं—“शराब ने घर बर्बाद कर दिए, आदमी शराब पीकर बीवियों को पीटते हैं।”
भीड़ में बैठी एक महिला शायद अपने घर की हालत से दुखी थी। उसने तंज कस दिया—
“बहन जी, शराब के खिलाफ प्रचार करने के लिए तन्नै बंसीलाल मोटी तनख्वाह देता होगा!”
जब कृष्णा गहलावत ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं, तो महिला ने और भी देसी अंदाज़ में जवाब जड़ दिया—
“तेरा मुटियार (पति) शराब पीकै तन्नै पीटता होगा, इसीलिए तू शराब के खिलाफ घूमे सै!”
यही हरियाणा की लोकभाषा की खासियत है—सीधी, चुटीली और बिना लाग-लपेट।
अब इस किताब की रजत जयंती पर इसका नया हिन्दी और अंग्रेज़ी संस्करण आ रहा है। इसकी विशेषता यह रही कि राजनीति को भारी-भरकम भाषा में नहीं, बल्कि किस्सों, व्यंग्य और हास्य के माध्यम से पेश किया गया। किताब की सराहना खुशवंत सिंह और कपिल देव जैसे चर्चित व्यक्तित्वों ने भी की थी।
पच्चीस साल पहले जब यह किताब लिखी गई थी, तब हरियाणा की राजनीति में देवी लाल, भजन लाल और बंसीलाल के किस्से ही सबसे ज्यादा चर्चा में थे। उस समय मनोहर लाल खट्टर राजनीतिक कहानी के केंद्र में नहीं थे। अब नए संस्करण में उनके दौर और उनसे जुड़े किस्से भी शामिल होंगे।

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