शिवमय हुई काशी: गूंजा सनातन संकल्प”राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी ने काशी को दिया आध्यात्मिक एकता का संदेश

  • रिपोर्ट- पंकज झा

वाराणसी। आध्यात्म, आस्था और सनातन संस्कृति की अनंत ज्योति से आलोकित काशी एक बार फिर भक्ति और गौरव के दिव्य रंग में डूबी नजर आई, जब काशी विश्वनाथ मंदिर में आयोजित भव्य ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। इस ऐतिहासिक आयोजन में योगी आदित्यनाथ और आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की भव्यता को और भी दिव्य बना दिया।बाबा विश्वनाथ के दरबार में दोनों शीर्ष नेताओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि, शांति और समृद्ध भविष्य की कामना की। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष, वैदिक मंत्रों की गूंज और भक्तिमय ऊर्जा से पूरी तरह सराबोर दिखाई दिया। श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था देखते ही बन रही थी।महोत्सव के दौरान काशी की आध्यात्मिक विरासत, सनातन धर्म की महान परंपराओं और भारतीय संस्कृति की वैश्विक महिमा को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया। संत-महात्माओं, विद्वानों और विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक गौरवशाली बना दिया।योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि काशी केवल एक नगर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और सनातन संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बाबा विश्वनाथ धाम के पुनर्विकास के बाद काशी की बढ़ती वैश्विक पहचान और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में हुए अभूतपूर्व विस्तार का उल्लेख करते हुए इसे नए भारत की सांस्कृतिक शक्ति बताया।
वहीं आनंदीबेन पटेल ने काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा की सराहना करते हुए कहा कि यह नगरी सदियों से आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही है और आज भी पूरी दुनिया को शांति, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर रही है।महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की विशेष निगरानी देखने को मिली।काशी की पावन धरा पर आयोजित यह भव्य आयोजन एक बार फिर यह संदेश दे गया कि सनातन संस्कृति की जड़ें आज भी उतनी ही मजबूत और जीवंत हैं, जितनी सदियों पहले थीं, और बाबा विश्वनाथ की नगरी आज भी पूरे विश्व को आध्यात्मिक प्रकाश और सांस्कृतिक चेतना देने का कार्य कर रही है।

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