- रिपोर्ट- पंकज झां
वाराणसी। फूलपुर हत्याकांड के आरोपी पहुंचे कोर्टविश्वनाथ प्रताप सिंह | वाराणसी गोमती जोन में इन दिनों अपराधियों के बीच अगर किसी नाम का सबसे ज्यादा खौफ है, तो वह है डीसीपी “लेडी सिंघम” नीतू काद्दयान और एडीसीपी नृपेंद्र कुमार की दमदार जोड़ी।सख्त पुलिसिंग, लगातार दबिश और तेज रणनीतिक कार्रवाई ने फूलपुर के चर्चित मनीष सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी नगेंद्र और गोविंद को आखिरकार कानून के सामने घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं। आरोपियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। गोमती जोन में ऐसा सख्त पुलिसिया जाल बिछाया गया कि फरार बदमाशों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा।लगातार बढ़ते दबाव और एनकाउंटर के खौफ के बीच दोनों आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर करना ही बेहतर समझा।सूत्रों के अनुसार डीसीपी नीतू काद्दयान ने इस मामले को “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत बड़ी चुनौती के रूप में लिया था। वहीं एडीसीपी नृपेंद्र कुमार की रणनीतिक मॉनिटरिंग और पुलिस की आक्रामक घेराबंदी ने आरोपियों की कमर तोड़ दी।
हर संभावित ठिकाने पर दबिश, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और लगातार पुलिस मूवमेंट ने अपराधियों की रातों की नींद उड़ा दी।अपराध मुक्त वाराणसी हमारा संकल्प है। कानून को चुनौती देने वालों का अंजाम सिर्फ सलाखें होंगी।”— डीसीपी नीतू काद्दयान गोमती जोन में इस कार्रवाई के बाद आम जनता में पुलिस के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है, जबकि अपराधियों और माफियाओं में दहशत का माहौल साफ दिखाई दे रहा है।
इलाके में चर्चा है कि यह जोड़ी सिर्फ अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं, बल्कि अपराध के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है। फूलपुर हत्याकांड के आरोपियों का सरेंडर अब सिर्फ कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि वाराणसी पुलिस की सख्त और आक्रामक कार्यशैली की बड़ी जीत माना जा रहा है।गोमती जोन में अब एक ही संदेश तेजी से गूंज रहा है —

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