निवेशक जागरूकता और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देते हुए सेबी और एनएसई द्वारा राजकोट की मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया रीजनल इन्वेस्टर सेमिनार फॉर अवेयरनेस (आरआईएसए) कार्यक्रम

राजकोट, गुजरात | अप्रैल 2026 : सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (सेबी) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया के मार्गदर्शन में अप्रैल 2026 को राजकोट की मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में रीजनल इन्वेस्टर सेमिनार फॉर अवेयरनेस (आरआईएसए) का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सेबी द्वारा पूरे देश में निवेशकों को शिक्षित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों की वित्तीय जानकारी बढ़ाना, निवेशकों को जागरूक करना और उनकी सुरक्षा को मजबूत करना है।

इस सेमिनार में यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट स्टडीज़ विभाग के छात्रों और शिक्षकों ने उत्साह के साथ भाग लिया।

सेबी के पूर्णकालिक सदस्य श्री कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अध्यक्षता की। इस अवसर पर श्री जोगिन्दर सिंह (वीपी– एनएसई), डॉ आर बी जडेजा, (प्रोवोस्ट, मारवाड़ी यूनिवर्सिटी), डॉ संजीत सिंह (प्रो-वीसी, मारवाड़ी यूनिवर्सिटी) और श्री नरेश जडेजा (एग्जीक्यूटिव रजिस्ट्रार, मारवाड़ी यूनिवर्सिटी) भी उपस्थित रहे।

अपने मुख्य संबोधन में श्री वार्ष्णेय ने निवेश के बुनियादी सिद्धांतों जैसे कम्पाउंडिंग, अनुशासित लॉन्ग -टर्म इन्वेस्टमेंट, तथा वित्तीय बाजारों में जल्दी शुरुआत करने के फायदों पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि सेबी पारदर्शी और मजबूत नियम व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि निवेशकों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

श्री वार्ष्णेय ने डिजिटल निवेश के बढ़ते दौर में सतर्क रहने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने सेबी चेक नाम के एक इन्वेस्टर -फ्रेंडली फीचर के बारे में जानकारी दी, जिसकी मदद से लोग यूपीआई आईडी की जांच कर सकते हैं, बिचौलियों के बैंक डिटेल्स की पुष्टि कर सकते हैं, और रजिस्टर्ड मार्केट पार्टिसिपेंट्स तथा वेरिफाइड ऐप्स की जांच कर सकते हैं। उन्होंने हाल ही में आईपीओ बाजार में हुए बदलावों और नए नियमों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों पर भी प्रकाश डाला।

फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती संख्या पर बात करते हुए श्री वार्ष्णेय ने कहा कि नकली ट्रेडिंग ऐप्स के आने से रिटेल निवेशकों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। स्कैमर्स असली प्लेटफॉर्म की तरह दिखने वाले नकली ऐप बनाकर लोगों को गुमराह करते हैं और उन्हें यह विश्वास दिलाते हैं कि उनका पैसा नियमों के तहत सुरक्षित तरीके से निवेश किया जा रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए सेबी ने गूगल के साथ मिलकर एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत भारत में सेबी में रजिस्टर्ड सभी स्टॉक ट्रेडिंग ऐप्स को गूगल प्ले पर ‘वेरिफ़िएड’ बैज दिया जा रहा है, ताकि निवेशक असली और नकली ऐप्स में फर्क पहचान सकें और धोखाधड़ी से बच सकें।

कार्यक्रम में श्री जोगिन्दर सिंह का एक रोचक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसका विषय “एम्पोवेरिंग इन्वेस्टर्स: इन्वेस्टिंग इन सिक्योरिटीज मार्केट एंड इन्वेस्टर प्रोटेक्शन” था। उनके इस सत्र में दर्शकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यक्रम के दौरान अच्छी सहभागिता देखने को मिली।

मारवाड़ी यूनिवर्सिटी के 500 से अधिक छात्रों और शिक्षकों ने इस सेमिनार में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सुरक्षित निवेश, धोखाधड़ी से बचाव और डिजिटल निवेशक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों से जुड़ी महत्वपूर्ण और काम की जानकारी प्राप्त हुई।

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  1. передає says

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