जब सीएम देवी लाल ने मंच से कर दिया एसपी, डीएसपी और थानेदार सस्पेंड – हरियाणा की सियासत के दिलचस्प किस्से
गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
हरियाणा की राजनीति में नेताओं और पुलिस अफसरों के बीच संबंध हमेशा अलग-अलग रंगों में नजर आए हैं। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रहे देवी लाल, भजन लाल, बंसी लाल, ओम प्रकाश चौटाला, भूपिंदर सिंह हुड्डा, मनोहर लाल और मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सैनी—सभी का पुलिस प्रशासन के प्रति रवैया एक-दूसरे से काफी अलग रहा है।
जहां भजन लाल पुलिस अधिकारियों को खुश रखने के लिए जाने जाते थे, वहीं देवी लाल का अंदाज बिल्कुल अलग था। वे कई बार पुलिस अफसरों को सार्वजनिक मंच से ही फटकार लगाने और अपमानित करने से भी नहीं चूकते थे।
ओम प्रकाश चौटाला के कार्यकाल में मेहम कांड के दौरान पुलिस पर नियंत्रण कमजोर होता नजर आया, जबकि भूपिंदर सिंह हुड्डा ने आमतौर पर पुलिस के कामकाज में ज्यादा हस्तक्षेप नहीं किया।
इसी कड़ी में देवी लाल के मुख्यमंत्री रहते दो ऐसे किस्से हैं, जो आज भी लोगों के बीच चर्चा और मुस्कान का कारण बनते हैं।
पहला किस्सा उस समय का है जब देवी लाल पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। भिवानी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मंच से ही ऐलान कर दिया—
“भिवानी का एसपी मुअत्तल, डीएसपी मुअत्तल और थानेदार मुअत्तल।”
यह बयान सुनकर वहां मौजूद लोग हैरान भी हुए और माहौल में हलचल मच गई।
दूसरा किस्सा करीब दस साल बाद का है, जब वे दोबारा मुख्यमंत्री बने। इस बार भी भिवानी की सभा में उन्होंने अलग अंदाज में अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा—
“भिवानी का एसपी वीबी सिंह मेरी नहीं मानता, और ये डीजीपी बरार भी मेरी नहीं मानता। मैंने इसे कहा कि एसपी भिवानी को मुअत्तल करो, लेकिन ये मेरे आदेश नहीं मान रहा।”
देवी लाल के ये किस्से न सिर्फ उनके बेबाक और अनोखे अंदाज को दिखाते हैं, बल्कि उस दौर की राजनीति और प्रशासनिक संबंधों की झलक भी पेश करते हैं।
