नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने भारतीय एयरलाइंस के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। इसमें एयरलाइंस को मिडिल ईस्ट के 11 हाई-रिस्क एयरस्पेस से बचकर उड़ान भरने के निर्देश दिए गए हैं।
DGCA के अनुसार, ईरान, इजरायल, लेबनान, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और कुवैत के एयरस्पेस को हाई-रिस्क जोन में रखा गया है। इसके अलावा सीरिया और यमन के एयरस्पेस से भी बचने की सलाह दी गई है।
यह एडवाइजरी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के मद्देनजर जारी की गई है। DGCA ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे इन क्षेत्रों के लिए उड़ानों के संचालन में सावधानी बरतें और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए मजबूत योजनाएं तैयार रखें। यह आदेश 28 मार्च तक प्रभावी रहेगा।
विशेष ऑपरेशनल निर्देश में कहा गया है कि सऊदी अरब और ओमान के ऊपर FL320 (करीब 32,000 फीट) से नीचे उड़ान न भरी जाए, ताकि संभावित खतरे से बचा जा सके। DGCA ने चेतावनी दी है कि युद्ध के चलते न सिर्फ ईरान बल्कि आसपास के देशों में भी जोखिम बढ़ गया है और सैन्य गतिविधियों के दौरान गलत आकलन से नागरिक उड़ानें भी खतरे में पड़ सकती हैं।
एयरलाइंस को निर्देश दिया गया है कि वे संवेदनशील क्षेत्रों में उड़ानों के दौरान बेहतर मॉनिटरिंग सिस्टम अपनाएं, फ्लाइट क्रू को NOTAMs (नोटिस टू एयरमेन) और एयरस्पेस प्रतिबंधों की पूरी जानकारी दें तथा हर स्थिति में सतर्कता बनाए रखें।
गौरतलब है कि युद्ध जैसे हालात में पहले भी दुबई जैसे प्रमुख एयरपोर्ट पर ड्रोन हमलों के कारण उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
