हरियाणा में फिर दोहराया जा रहा ‘भारत दर्शन’ और क्रॉस वोटिंग का इतिहास

गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

हरियाणा की राजनीति में ‘भारत दर्शन’, फ्लोर क्रॉसिंग, “आया राम गया राम” और क्रॉस वोटिंग का पुराना इतिहास एक बार फिर दोहराया जाता दिखाई दे रहा है। राज्यसभा चुनाव को लेकर संभावित क्रॉस वोटिंग के डर से कांग्रेस ने अपने विधायकों को सुरक्षित स्थान कुफरी भेज दिया है, जो हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस शासित क्षेत्र है।

सूत्रों के अनुसार क्रॉस वोटिंग की आशंका इतनी अधिक है कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी अपने विधायकों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव में आंकड़ों के हिसाब से भाजपा एक सीट आसानी से जीत सकती है, जबकि कांग्रेस भी एक सीट जीत सकती है, बशर्ते उसके विधायकों की ओर से क्रॉस वोटिंग न हो।

भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की आशंका जताई जा रही है। यह चुनाव मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस विधायक दल के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।

करीब 46 वर्ष पहले भी हरियाणा में इसी तरह का राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री देवी लाल के नेतृत्व के खिलाफ बगावत हुई थी और पार्टी हाईकमान के समर्थन से भजन लाल ने सरकार गिरा दी थी। उस समय भजन लाल अपने समर्थक विधायकों को “भारत दर्शन” के नाम पर राजस्थान ले गए थे।

बताया जाता है कि उस बस पर “BHAJAN WEDS DEVI” का बैनर लगा था। जब चंडीगढ़ में देवी लाल सीआईडी अधिकारियों से विधायकों का पता लगाने को लेकर नाराजगी जता रहे थे, तभी एक पत्रकार से सूचना मिली कि विधायक राजस्थान में हैं। सीआईडी टीम ने बस को रोकने की कोशिश की, लेकिन खुर्शीद अहमद ने चतुराई से इसे भजन लाल की बारात बताकर अधिकारियों को भ्रमित कर दिया।

वर्तमान में भी इसी तरह की राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी पूर्व सांसद संजय भाटिया को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। वहीं कांग्रेस ने अपेक्षाकृत कम चर्चित पार्टी कार्यकर्ता कर्मवीर बोध को मैदान में उतारा है, जिन्हें बताया जा रहा है कि राहुल गांधी की पसंद पर उम्मीदवार बनाया गया है।

हालांकि उनके नाम की घोषणा से कई कांग्रेस विधायक आश्चर्यचकित बताए जा रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वे पार्टी हाईकमान के निर्देशों का पालन करेंगे।

हरियाणा की राजनीति पहले भी क्रॉस वोटिंग और “इंक गेट” जैसे विवादों के लिए जानी जाती रही है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव से पहले दोनों दलों द्वारा अपने-अपने विधायकों को “भारत दर्शन” पर भेजना राज्य की राजनीति में एक बार फिर पुराने इतिहास की याद दिला रहा है।

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