अरावली की मांगर बनी में खिले पलाश के फूलों पर माफिया की नजर, पर्यावरण पर बढ़ता खतरा

गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पर्यावरण को शुद्ध रखने और प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली अरावली पर्वतमाला स्थित मांगर बनी वन क्षेत्र पर अब माफिया की नजरें टिक गई हैं। करीब 322 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली यह हरियाली अरावली का सबसे घना वन क्षेत्र माना जाता है, लेकिन यहां लगातार हो रहे अवैध निर्माण और गतिविधियों ने पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।

एनसीआर पहले से ही बढ़ते प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में मांगर बनी क्षेत्र प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन का महत्वपूर्ण स्रोत होने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी बड़ी भूमिका निभाता है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र को समय रहते संरक्षित नहीं किया गया तो इसका खामियाजा पूरे एनसीआर को भुगतना पड़ सकता है।

इन दिनों अरावली की पहाड़ियों में खिले पलाश के लाल-लाल फूल पूरे क्षेत्र की सुंदरता को और भी बढ़ा रहे हैं। दूर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है मानो धरती से ज्वालाएं फूट रही हों। प्रकृति का यह अद्भुत दृश्य जहां एक ओर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है, वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र पर माफिया की बढ़ती नजरें चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पलाश के फूलों से सजी यह पहाड़ियां प्रकृति की अनुपम देन हैं, लेकिन अवैध गतिविधियों को कथित तौर पर मिल रहे संरक्षण के कारण इस प्राकृतिक धरोहर पर खतरा मंडरा रहा है। यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए तो अरावली की यह अमूल्य संपदा धीरे-धीरे नष्ट हो सकती है।

 

khabre junction

Leave A Reply

Your email address will not be published.